औरंगाबाद में बांध गोरेया जंगल से चार नक्सलियों का शव मिला,पांच हथियार भी बरामद - पेज वन

औरंगाबाद में बांध गोरेया जंगल से चार नक्सलियों का शव मिला,पांच हथियार भी बरामद – पेज वन फोटो नंबर-8, परिचय-घटनास्थल का मुआयना करने जाते सीआरपीएफ के डीजी प्रकाश मिश्रा व अन्य औरंगाबाद कार्यालय.औरंगाबाद के बांध गोरेया जंगल से पुलिस ने चार नक्सलियों का शव बरामद किया है. शव के पास से एक कारबाइन,एक एके फोटी […]

औरंगाबाद में बांध गोरेया जंगल से चार नक्सलियों का शव मिला,पांच हथियार भी बरामद – पेज वन फोटो नंबर-8, परिचय-घटनास्थल का मुआयना करने जाते सीआरपीएफ के डीजी प्रकाश मिश्रा व अन्य औरंगाबाद कार्यालय.औरंगाबाद के बांध गोरेया जंगल से पुलिस ने चार नक्सलियों का शव बरामद किया है. शव के पास से एक कारबाइन,एक एके फोटी सेवन, दो पुलिस राइफल और एक देशी राइफल के साथ 200 जिंदा कारतूस भी बरामद हुए है. चारों शव को जंगल के भीतर से निकाल कर पुलिस भारी सुरक्षा के बीच देव सीआरपीएफ कैंप लायी और देव में उपस्थित सीआरपीएफ के डीजी,आइजी सहित वरीय पदाधिकारियों ने उसका मुआयना किया और भारी सुरक्षा के बीच उसे पोस्टमार्टम के लिये औरंगाबाद भेजा गया. देव में कोबरा कैंप पर आये सीआरपीएफ के डीजी प्रकाश मिश्रा,सीआरपीएफ आइजी आरके मिश्रा,शैलेंद्र कुमार, स्पेशल डीजी दुर्गा प्रसाद,डीआइजी डा कमल कुमार सिंह, डीआइजी ऑपरेशन परमवीर रजोरा,सीआरपीएफ के सीइओ राजेश कुमार, बिहार सरकार के एडीजी विधि व्यवस्था आलोक राज, मगध प्रक्षेत्र के डीआइजी रत्न संजय, कोबरा कमांडेंट रबिस कुमार,एसपी बाबू राम ने संयुक्त रूप से प्रेस को जानकारी देते हुए कहा कि कोबरा के जवानों ने नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है. शुक्रवार की शाम को जानकारी मिली थी कि नक्सली सब जोनल कमांडर अभीजीत जी का दस्ता जंगल में बैठक कर रहा है. इसी के आधार पर कोबरा के सहायक कमांडेंट चंदन कुमार,मो गुफरान, ढिबरा थानाध्यक्ष आदित्य कुमार के नेतृत्व में कोबरा पुलिस जंगल की तरफ निकली. पुलिस को देखते नक्सलियों ने गोली चलानी शुरू कर दी. कोबरा के जवानों ने भी मोरचा संभाल कर उनका मुंहतोड़ जवाब दिया. सीआरपीएफ डीजी के अनुसार घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर तक खून गिरने का निशान मिले है. इससे साबित होता है कि और भी नक्सली या तो मारे गये या जख्मी हुए है ,जिन्हें नक्सली दस्ता उठा कर ले भागने में सफल रहे है. डीजी ने स्पष्ट कहा कि हमारे जवानों ने इस बार बहादुरी दिखायी है और नक्सलियों को मार गिराया है. इसमें शामिल जवान व पदाधिकारी को नगद राशि व पुरस्कार देकर पुरस्कृत किया गया है और विरता पुरस्कार के लिये सरकार को लिखा जायेगा.डीजी ने यह भी बताया कि शव को पहचान अभी तक नहीं हो सका है. पोस्टमार्टम के उपरांत इनका शव पहचान के लिये रखा जायेगा.

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