मध्याह्न भोजन में गड़बड़ी पकड़ने जाने पर भी कार्रवाई नहीं औरंगाबाद (नगर) सरकार सरकारी विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए मध्याह्न भोजन योजना लागू की. मेनू के अनुसार प्रत्येक दिन अलग-अलग भोजन बनाने की जिम्मेवारी भी शिक्षकों को दी है. भोजन बंद न हो इसके लिए विद्यालयों तक चावल पहुंचाने के लिए ठेकेदार व बीआरपी का भी चयन किया, लेकिन इस योजना का लाभ जितना हद तक बच्चों को मिलना चाहिए, उतना नहीं मिल पा रहा है. जिले की हालात यह है कि विभाग की लापरवाही के कारण समय पर विद्यालय में खाद्यान्न नहीं पहुंच रहा है. पदाधिकारी के दबाव से खाद्यन्न पहुंच रहा है तो स्कूल में आवंटन से कम. यह बात किसी से छिपी हुई नहीं है. बावजूद पदाधिकारी किसी पर कार्रवाई नहीं करते है. एक माह पहले देव के एक विद्यालय में ठेकेदार द्वारा मात्रा से कम चावल की आपूर्ति की गयी थी. इसके बाद ग्रामीणों ने जमकर विद्यालय में हंगामा किया था. शिक्षा विभाग के पदाधिकारी विद्यालय पहुंच कर चावल की बोरियों का वजन कराया था. इस दौरान प्रत्येक बोरी में पांच किलो वजन कम पाया गया था. बावजूद अब तक किसी पर कार्रवाई न हुई. यह हाल देव का सिर्फ नहीं बल्कि पूरे जिले का है. इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी विनोद कुमार सिन्हा ने कहा कि इस बिंदु पर कार्रवाई की जा रही है. जल्द इससे संबंधित एक मामला मीडिया के सामने उजागर किया जायेगा. जो भी दोषी होगें उनपर कार्रवाई की जायेगी.
मध्याह्न भोजन में गड़बड़ी पकड़ने जाने पर भी कार्रवाई नहीं
मध्याह्न भोजन में गड़बड़ी पकड़ने जाने पर भी कार्रवाई नहीं औरंगाबाद (नगर) सरकार सरकारी विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए मध्याह्न भोजन योजना लागू की. मेनू के अनुसार प्रत्येक दिन अलग-अलग भोजन बनाने की जिम्मेवारी भी शिक्षकों को दी है. भोजन बंद न हो इसके लिए विद्यालयों तक चावल पहुंचाने के लिए ठेकेदार […]
