दो कमरों के सहारे कैसे होगी मैट्रिक की परीक्षा-कैंपस पेज के लिये फोटो नंबर-9,परिचय-पटना का फाटक मध्य विद्यालय दाउदनगर व विद्यालय की टूटी चहारदीवारीदाउदनगर ,(अनुमंडल). प्रशासन द्वारा मैट्रिक परीक्षा की तैयारी तो शुरू कर दी गई है ,लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि केन्द्रों के चयन में भौतिक सत्यापन की आवश्यकता महसुस नहीं की गई है. यह इस बात से लगता है कि गुरूवार को एक समाचार पत्र(प्रभात खबर नहीं) के अनुसार दाउदनगर के पटना का फाटक मध्य विद्यालय को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है. यह विधालय देवी स्थान पचकठवा रोड में अवस्थित है. सूत्रों के अनुसार पहली बार इसे मैट्रिक का परीक्षा केन्द्र बनाया गया है. इसके विपरीत यदि इस विद्यालय की वास्तविक स्थिति देखी जाये तो यह कहीं से भी परीक्षा केन्द्र बनने लायक दिखता नहीं है. विद्यालय के मात्र दो कमरें में कक्षा का संचालन होता है. बैठने के लिए भी पर्याप्त कमरें नहीं है. दो पुराने कमरें पूरी तरह से जर्जर स्थिति में है. उसके दरवाजे ईंट से इसलिए बंद कर दिये गये है कि कहीं कोई इन कमरों में घुस न जाये. विद्यालय का कार्यालय किचेन शेड में चलता है. विद्यालय की चहारदीवारी बिल्कुल टूटी हुई है. कहने को तो मेन गेट है लेकिन उसका भी इस्तेमाल न के बराबर ही होता है क्योंकि टूटी चहारदीवारी के सहारे कोई भी व्यक्ति विद्यालय में प्रवेश कर सकता है. ऐसा लगता ही नहीं कि इस विद्यालय की कभी चहारदीवारी भी रही हो.विद्यालय परिसर से हाईटेंशन तार होकर गुजर रहा है. अब समझा जा सकता है कि ऐसी स्थिति में कदाचार मुक्त परीक्षा कैसे संचालित हो सकती है. क्या कहते हैं अधिकारी परीक्षा केन्द्र अभी फाईनल नहीं किया गया है. विद्यालय के स्थिति की जांच पड़ताल करायी जाएगी.विनोद कुमार सिन्हा, जिला शिक्षा पदाधिकारी औरंगाबाद
दो कमरों के सहारे कैसे होगी मैट्रिक की परीक्षा-कैंपस पेज के लिये
दो कमरों के सहारे कैसे होगी मैट्रिक की परीक्षा-कैंपस पेज के लिये फोटो नंबर-9,परिचय-पटना का फाटक मध्य विद्यालय दाउदनगर व विद्यालय की टूटी चहारदीवारीदाउदनगर ,(अनुमंडल). प्रशासन द्वारा मैट्रिक परीक्षा की तैयारी तो शुरू कर दी गई है ,लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि केन्द्रों के चयन में भौतिक सत्यापन की आवश्यकता महसुस नहीं की गई […]
