बालिका इंटर विद्यालय कमरों की कमी फोटो नंबर-24,परिचय-बालिका इंटर विद्यालय का भवनदाउदनगर(अनुमंडल). अनुमंडल मुख्यालय का एकलौता बालिका इंटर विद्यालय संसाधनों के साथ-साथ कमरों का भी अभाव झेल रहा है. 1968 में स्थापित बालिका उच्च विद्यालय 2012 में इंटर विद्यालय में तब्दील हुआ था. करीब सवा दो एकड़ भूमि में फैले इस विद्यालय में पढ़ाई के लिए मात्र 14 कमरे है. इनमें से आठ पुराने कमरे हैं. प्लस टू के लिए बने छह कमरों में से दो में कंप्यूटर व अन्य सामान रखे हुए हैं. 14 कमरों के बदौलत 2472 छात्राओं का भविष्य तय होता है. विद्यालय सूत्रों का कहना है कि शत प्रतिशत उपस्थिति होने पर छात्राओं को खड़ा होकर पढ़ाई करनी पड़ती है. यह स्थिति आमतौर पर परीक्षा के समय उत्पन होती है. नौवीं में 1051, 10वीं में 942, 11वीं में 240 व 12वीं में 239 छात्राएं हैं. दाउदनगर प्रखंड का एकलौता बालिका विद्यालय होने के कारण प्रतिदिन अच्छी खासी उपस्थिति रहती है. सूत्रों ने बताया कि देख-रेख के अभाव में पुराने कमरों के छत से बरसात के दिनों में रिसाव भी होता है. कमरों के अभाव में एक कमरे में दो-दो सेक्शन चलाने पड़ते हैं. प्रभारी प्रधानाध्यापक डाॅ सत्येंद्र कुमार राय ने बताया कि कमरों के अभाव के बारे में विभाग को अवगत कराया जाता रहा है.
बालिका इंटर वद्यिालय कमरों की कमी
बालिका इंटर विद्यालय कमरों की कमी फोटो नंबर-24,परिचय-बालिका इंटर विद्यालय का भवनदाउदनगर(अनुमंडल). अनुमंडल मुख्यालय का एकलौता बालिका इंटर विद्यालय संसाधनों के साथ-साथ कमरों का भी अभाव झेल रहा है. 1968 में स्थापित बालिका उच्च विद्यालय 2012 में इंटर विद्यालय में तब्दील हुआ था. करीब सवा दो एकड़ भूमि में फैले इस विद्यालय में पढ़ाई के […]
