अज्ञात युवक का शव घंटों पड़ा रहा फर्श पर
औरंगाबाद (ग्रामीण) : मंदिर रूपी अस्पताल में मनावता शर्मसार होती है तो लोगों के कलेजे कांप उठते हैं. फिर सवाल उठता है कि यह मंदिर व यहां के देवता आखिर किस लिए हैं.
अपने कार्यों से ही जब वे विमुख हो रहे हैं तो इस व्यवस्था को क्या कहा जाये. बुधवार की सुबह 8:28 बजे सदर अस्पताल के जनरल वार्ड में दो बेडों के बीच एक 30 वर्षीय अज्ञात युवक का शव फर्श पर ऐसे पड़ा हुआ देखा गया, जैसे उसे किसी ने फेंक दिया हो.
इस वार्ड में कई मरीज भरती थे, लेकिन किसी ने यह नहीं पता कि शव को फर्श पर किसने फेंका या किसने रखा. पता चला कि मंगलवार की शाम कुछ लोग बीमारी की हालत में उसे सदर अस्पताल में लाये थे. अस्पताल के जनरल वार्ड में रखा गया और रात में ही उसकी मौत हो गयी.
उसकी मौत बेड पर हुई या फिर बेड से गिरने के बाद हुई, इसकी जानकारी न तो चिकित्सकों की थी और न कर्मचारियों को.अस्पताल के कर्मचारियों ने इसकी सुध तक नहीं ली. सुबह जब प्रभात खबर की टीम वहां पहुंची, तो शव को फर्श पर देखा गया़ इसकी सूचना बड़ा बाबू के कार्यालय को देने की कोशिश की गयी़ लेकिन 8:34 बजे कार्यालय पूरी तरह खाली था. 8:35 बजे इसकी जानकारी अस्पताल में ही कार्यरत गार्ड व ओपीडी में मरीजों का इलाज कर रहे चिकित्सक डॉ सरताज अहमद को दी गयीं.
चिकित्सक की फटकार के बाद अस्पताल के कर्मचारी जागे और फिर 8:49 बजे शव को फर्श से उठाकर स्ट्रेचर पर रखने के लिए कर्मचारी पहुंचे. चतुर्थवर्गीय कर्मचारी श्यामनारायण ने स्ट्रेचर मैन के साथ शव को उठा कर स्ट्रेचर पर रखा और चिकित्सक को सूचना दी.
इसके बाद नगर थाने की पुलिस को अज्ञात शव का पोस्टमार्टम करने के लिए सूचना दी गयी. नगर थाने के दारोगा रामपति चौधरी पहुंचे और शव के पोस्टमार्टम के लिए पंचनामा तैयार किया गया. इधर, अस्पताल के इस पूरे प्रकरण की सूचना अस्पताल उपाधीक्षक डाॅ तपेश्वर प्रसाद को भी प्रभात खबर के प्रतिनिधि द्वारा दी गयी. अस्पताल उपाधीक्षक ने तुरंत मामले को देखने की बात कही़
