पुरुष किसी बच्ची को नहीं ले सकते गोद दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देने के लिए कार्यशाला का आयोजन (फोटो नंबर-11,12) परिचय-कार्यशाला में मौजूद एसडीओ राकेश कुमार व अन्य, उपस्थित लोग दाउदनगर (अनुमंडल) दत्तक ग्रहण को कानूनी रूप से बढ़ावा देने हेतु चलाया जा रहा जागरूकता अभियान के तहत जिला बाल संरक्षण इकाई औरंगाबाद द्वारा अनुमंडल कार्यालय सभाकक्ष में दत्तक ग्रहण उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसकी अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार ने की. कार्यशाला में चारों प्रखंडों के बीडीओ, सीडीपीओ,थानाध्यक्ष व पंचायती राज जनप्रतिनिधि शामिल हुए. कार्यशाला को संबोधित करते हुए स्टेट को-ओडिनेटर रोशन कुमार ने दत्तक ग्रहण से संबंधित विभिन्न जानकारियां दी. उन्होंने कहा कि एक महिला चाहे तो बच्चा या बच्ची में से किसी को भी गोद ले सकती है, लेकिन एक पुरुष बच्ची को गोद नहीं ले सकता. सारी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद बच्चों को गोद दिया जाता है. यदि 60 के भीतर किसी बच्चे के जैविक माता-पिता नहीं मिलते हैं, तो विज्ञापन आदि की औपचारिकता पूरी करते हुए कानूनी तौर पर इच्छुक अभिभावकों को बच्चों को गोद दे दिया जाता है. गोद देते समय विभिन्न पहलुओं का ध्यान रखा जाता है. हर तीन महीने पर संस्था माॅनीटरिंग करती है. बताया गया कि स्पेशल जुबाइनल पुलिस यूनिट की एक टीम समाज कल्याण विभाग में गठित की है, जो धावा दल की तरह काम करती है. उपस्थित लोगों ने दत्तक ग्रहण से संबंधित कई सवाल पूछे, जिसका जवाब श्री कुमार ने दिया. मौके पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संजय कुमार, सहायक निदेशक, बाल कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष के अलावे दाउदनगर के प्रखंड प्रमुख अनिता देवी, मुखिया निर्मला सिन्हा, भगवान सिंह, हरी प्रसाद सिंह, ललिता देवी, ओबरा थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार, खुदवा थानाध्यक्ष मनोज राम आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे.
पुरुष किसी बच्ची को नहीं ले सकते गोद
पुरुष किसी बच्ची को नहीं ले सकते गोद दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देने के लिए कार्यशाला का आयोजन (फोटो नंबर-11,12) परिचय-कार्यशाला में मौजूद एसडीओ राकेश कुमार व अन्य, उपस्थित लोग दाउदनगर (अनुमंडल) दत्तक ग्रहण को कानूनी रूप से बढ़ावा देने हेतु चलाया जा रहा जागरूकता अभियान के तहत जिला बाल संरक्षण इकाई औरंगाबाद द्वारा अनुमंडल […]
