अशोक इंटर वद्यिालय में कमरों का अभाव

अशोक इंटर विद्यालय में कमरों का अभाव (फोटो नंबर -3,4) -अशोक इंटर विद्यालय दाउदनगर, प्राचार्य श्रवण कुमार संत 22 में से मात्र 13 कमरों में ही होता है कक्षाओं का संचालन प्रतिनिधि, दाउदनगर (अनुमंडल)शिक्षा के क्षेत्र में प्रखंड क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखनेवाले अशोक इंटर विद्यालय में कमरों का अभाव है. इस विद्यालय की स्थापना […]

अशोक इंटर विद्यालय में कमरों का अभाव (फोटो नंबर -3,4) -अशोक इंटर विद्यालय दाउदनगर, प्राचार्य श्रवण कुमार संत 22 में से मात्र 13 कमरों में ही होता है कक्षाओं का संचालन प्रतिनिधि, दाउदनगर (अनुमंडल)शिक्षा के क्षेत्र में प्रखंड क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखनेवाले अशोक इंटर विद्यालय में कमरों का अभाव है. इस विद्यालय की स्थापना ब्रिटिश शासनकाल में 1929 में हुई है, जिसे 1933 में स्वीकृति मिली. तब इसका नाम सिफ्टन हाइस्कूल हुआ करता था. आजादी के बाद इसका नाम अशोक उच्च विद्यालय हो गया. 2010 में इसे इंटर विद्यालय में उत्क्रमित किया गया. इस विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या 1696 हैं. नौवीं में 700, 10वीं में 622, 11वीं 196 और 12वीं कक्षा में 189 विद्यार्थी नामांकित हैं. कमरों की संख्या मात्र 22 है, जिनमें से मात्र 13 कमरों में ही कक्षाओं का संचालन हो पाता है. एक कमरे में प्राचार्य कक्ष, एक में शिक्षक सदन, एक में कर्मचारी कक्ष, एक में पुस्तकालय, एक में जिम, एक में कंप्यूटर कक्ष और तीन कमरों का प्रयोग मैट्रिक के प्रैटिकल कक्ष के रूप में किया जाता है. ऐसे में यह सहज अनुमान लगाया जा सकता है शेष 13 कमरों में कक्षाओं का संचालन किस प्रकार होता होगा. विद्यालय सूत्राें ने बताया कि एक-एक कमरे में तीन-तीन सेक्शन के विद्यार्थियाें को बैठाया जाता है. नौवीं में 10 व 10वीं कक्षा में नौ सेक्शन हैं.क्या कहते हैं प्राचार्य यू-डेस फाॅर्म भर कर बीआरसी के माध्यम से सरकार को भेजा गया है, जिसमें स्कूल में अधिक से अधिक कमरों की आवश्यकता जतायी गयी है. श्रवण कुमार संत, प्राचार्य

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