फसल लगाने से पहले बीज का उपचार जरूरी

फसल लगाने से पहले बीज का उपचार जरूरी रबी महोत्सव में किसानों को आधुनिक कृषि पद्धति के बताये गये गुर (फोटो नंबर-30)परिचय- कार्यक्रम को उदघाटन करते सीओ, व्यापार मंडल अध्यक्ष व अन्य अंबा (औरंगाबाद)प्रखंड कार्यालय अंबा के समक्ष बुधवार को रबी महोत्सव का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन सीओ ठुइयां उरांव, व्यापार मंडल अध्यक्ष […]

फसल लगाने से पहले बीज का उपचार जरूरी रबी महोत्सव में किसानों को आधुनिक कृषि पद्धति के बताये गये गुर (फोटो नंबर-30)परिचय- कार्यक्रम को उदघाटन करते सीओ, व्यापार मंडल अध्यक्ष व अन्य अंबा (औरंगाबाद)प्रखंड कार्यालय अंबा के समक्ष बुधवार को रबी महोत्सव का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन सीओ ठुइयां उरांव, व्यापार मंडल अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह, मुखिया छाया देवी ने दीप जला कर किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीओ ठुइंया उरांव ने आधुनिक कृषि पद्धति पर बल दिया. उन्होंने कहा कि नवीनतम तकनीक से खेती करने पर कम लागत में अधिक मुनाफा होगा. व्यापार मंडल अध्यक्ष ने कहा कि किसानों को आत्मनिर्भर बनना होगा. कृषि विभाग द्वारा अनुदानित बीज व यंत्र का सदुपयोग करने की बात उन्होंने कही. अध्यक्ष ने कहा कि विभाग को भी ऐसे ही किसानों को अनुदान का लाभ देना चाहिए जो इसका उपयोग करते हैं. उन्होंने कहा कि प्रचार-प्रसार के अभाव में अधिकतर किसान योजना के लाभ से वंचित रह जाते हैं. बीएओ यदुनंदन यादव ने फसल लगाने के पहले बीज का उपचार आवश्यक बताया. उन्होंने कहा कि इससे पौधों में लगने वाला कई रोग समाप्त हो जाता है और उत्पादन में वृद्धि होती है. सहायक मिट्टी रसायनज्ञ कृष्ण मोहन झा ने किसानों को मिट्टी की जांच जरूर कराने को कहा. उन्होंने कहा कि इससे आपकी भूमि में उत्पादन शक्ति का पता चलता है. साथ ही खेत में किस तरह का कितना उर्वरक चाहिए, इसकी जानकारी होती है. कार्यक्रम की देखरेख समन्वयक मोहन कुमार ने की. इस अवसर पर समन्वयक अमरनाथ आजाद, श्वेता कुमारी, किसान सलाहकार संजीव कुमार, आकाश कुमार, रामाकांत कुमार, चितरंजन पांडेय, अजय कुमार, धर्मेंद्र कुमार, मुरारी राम आदि थे.किसानों से लिये गये आवेदन : महोत्सव में आये कई किसानों ने यांत्रिकीकरण के लिए आवेदन जमा किया. समन्वयक मोहन कुमार ने बताया कि 10 हजार से ऊपर के अनुदान के लिए एलपीसी का होना जरूरी है. इसके लिए किसानों को ऑन लाइन अपलाई करना होगा. उन्होंने बताया कि जीरो टिलेज व हारर्वेस्टर के लिए टारगेट असीमित है. इच्छुक सभी किसानों को इसका लाभ दिया जायेगा. अधिकारियों ने अनुदानित दर पर मिलने वाले गेहूं,चना व अन्य बीजों के बार में आवश्यक जानकारी किसानों को दी. हालांकि इस वर्ष अनुदानित दर पर मिलने वाला बीज का लक्ष्य काफी कम प्राप्त है. जानकारी के अनुसार प्रखंड में जितना गेहूं व चना का बीज उपलब्ध कराया है, उससे एक पंचायत के किसानों को भी आपूर्ति नहीं की जा सकती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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