अवैध रूप से चल रहे अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर डीएम की बड़ी कार्रवाई

अवैध रूप से चल रहे अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर डीएम की बड़ी कार्रवाईपांच सील व चार को किया निलंबित डीएम के निर्देश पर गठित टीम की जांच में खुलासा 12 अल्ट्रासाउंड केंद्र चल रहे थे अवैध रूप से दो केंदों को कारण बताओ नोटिस, नियमानुसार एक चलता पाया गया ( प्रभात इम्पैक्ट ) औरंगाबाद कार्यालयऔरंगाबाद में […]

अवैध रूप से चल रहे अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर डीएम की बड़ी कार्रवाईपांच सील व चार को किया निलंबित डीएम के निर्देश पर गठित टीम की जांच में खुलासा 12 अल्ट्रासाउंड केंद्र चल रहे थे अवैध रूप से दो केंदों को कारण बताओ नोटिस, नियमानुसार एक चलता पाया गया ( प्रभात इम्पैक्ट ) औरंगाबाद कार्यालयऔरंगाबाद में चलनेवाले अल्ट्रासाउंड केंद्र नियम की धज्जियां उड़ा कर चल रहे थे. जिला पदाधिकारी द्वारा करायी गयी जांच में इसका खुलासा हुआ है. जांच दल ने जो 13 अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच कर जो रिपोर्ट सौंपी है, उसमें मात्र एक नियमानुसार चलता हुआ पाया गया है. 12 अल्ट्रासाउंड केंद्र अवैध रूप से चल रहे थे. इनमें पांच को सील कर इनसे शो कोज पूछा गया है, चार को निलंबित कर शोक कोज पूछा गया है और दो को अभी कारण बताने के लिए नोटिस दिया गया है. जिला पदाधिकारी ने रविवार की शाम अपने आवास पर पत्रकारों को बताया कि अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच सिविल सर्जन के नेतृत्व में टीम गठित द्वारा की गयी है. इस टीम में प्रशासनिक पदाधिकारी सीमा कुमारी, महिला चिकित्सक लालसा सिंह व डीएस सदर अस्पताल के थे. जांच दो बार करायी गयी, ताकि किसी प्रकार की कोई इसमें कमी नहीं रह जाये या कहीं इसमें किसी भी प्रकार से किसी को प्रभावित करने की गुजाइंश नहीं बचे. उन्होंने आगे बताया कि अल्ट्रासाउंड केंद्रों को अवैध रूप से चलाने वाले के ऊपर एफआइआर होनी चाहिए थी. लेकिन सीएस द्वारा यह जानकारी दी गयी कि इसमें एफआइआर का कोई प्रावधान नहीं है. बल्कि सलाहकार समिति को कार्रवाई करनी है. लेकिन मेरा मानना है कि सलाहकार समिति पर सब कुछ छोड़ा नहीं जा सकता. क्योंकि यह भ्रूण हत्या किये जाने का मामला है और यह काफी गंभीर विषय है. तब हमने उन्हें सील करने व निलंबित करने की कार्रवाई शुरू की है. अल्ट्रासाउंड केंद्र को चलाने में सबसे पहले यह देखा जाता है कि ये पीएनडीटी एक्ट में निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं या नहीं. विभाग की भी पायी गयी है संलिप्तताऔरंगाबाद में अवैध रूप से चल रहे अल्ट्रासाउंड केंद्रों में विभाग की भी संलिप्तता पायी गयी है. डीएम ने कहा कि इतने व्यापक पैमाने पर अनियमितता बरती जा रही है तो निश्चित रूप से इसमें कार्यालय की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है. हमने इसकी जब जांच की तो सामने आया कि कार्यालय के एक लिपिक इसमें शामिल है, जिसकी खुद की नियुक्ति भी फर्जी है और वह 10 साल से पदस्थापित है. उन्होंने यह भी कहा कि जांच दल जब जांच के लिए निकली थी, तो वह किरानी दो दिन तक ऑफिस से गायब रहा और उसका मोबाइल फोन भी बंद पाया गया. अब इस किरानी की भी फर्जी नियुक्ति की जांच की जा रही है. जांच के बाद इन पर भी कार्रवाई की जायेगी.नियम के अनुसार ही चलाना होगा अल्ट्रासाउंड केंद्र डीएम ने कहा कि कोई भी अल्ट्रासाउंड केंद्र नियम के अनुसार ही चलेंगे. जो इसके लिए एक्ट का प्रावधान है उनका अनुपालन जरूरी है. मेरा मानना है कि सिर्फ लिंग जांच करते पकड़ा जाना अपराध नहीं है, बल्कि अवैध रूप से और नियम व प्रावधानों को अनदेखी कर इसे चलाना अपराध की श्रेणी में है और ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी.अब सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य डीएम ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जब अल्ट्रासाउंड खोलने के लिए 10 से 15 लाख की मशीन और पांच से छह लाख रुपये और खर्च करते हैं, तो फिर 30 से 35 हजार रुपये का वह सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगा रहे हैं. अब अल्ट्रासाउंड केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाना होगा और उसमें 20 से 25 दिन का स्टोरेज होगा और उसे समय अनुसार जांच के लिए उपलब्ध कराना होगा. डीएम ने चिकित्सकों व अल्ट्रासाउंड केंद्र चलाने वालों से अनुरोध किया है कि आप सीसीटीवी कैमरे जरूर लगाये. नैतिकता के आधार पर आपको यह काम करना भी चाहिए. आप जो सीसीटीवी कैमरे लगाये उसमें चिकित्सक और मरीज दोनों का तसवीर स्पष्ट आना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि हम चाहते हैं कि यहां जो अल्ट्रासाउंड केंद्र चले उनका अल्ट्रासाउंड मशीन ऑन लाइन रहे. इसमें पूरी पारदर्शिता बरती जाये ताकि आप पर कोई संदेह नहीं कर पाये और भ्रूण हत्या जैसे अपराध रोकने में आपकी भी भूमिका रहे. प्रभात खबर में छपी थी खबर : ‘प्रभात खबर’ में प्रमुख से खबर प्रकाशित हुई थी कि औरंगाबाद में अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड चल रहे हैं और बड़े पैमाने पर भ्रूण हत्या भी की जा रही है. डीएम ने कई बार कहा कि मीडिया से ही मुझे यह जानकारी मिली थी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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