वार्ड आठ के विकास में खर्च हुए करोड़ रुपये, पर लोग असंतुष्ट कचरे से भरी है कच्ची नालियां (फोटो नंबर-11,12 बाकी नाम से)कैप्शन- औरंगाबाद (सदर) किसी भी वार्ड में विकास कार्य हुए हैं या नहीं ये जानना हो तो सबसे अच्छा तरीका है कि संबंधित वार्ड के लोगों से जानकारी ली जाये. रविवार को नगर पर्षद के वार्ड संख्या आठ का दौरा किया गया. वार्ड आठ भी क्षेत्रफल के हिसाब से बड़ा है और यहां ज्यादातर रइस लोग ही निवास करते हैं. वीआइपी एरिया के लिस्ट में शामिल वार्ड आठ के लोग भी समस्याओं की व्यथा जब सुनाते हैं तो ऐसा लगता है कि सचमुच वार्ड में कुछ कार्य नहीं हुआ है. हालांकि, वार्ड भ्रमण के दौरान पाया गया कि बहुत सी सड़कें बनी है, तो बहुत टूट भी गये हैं. नालियां दिखती हैं, पर पक्की नहीं. वार्ड आठ के कई मुहल्ले कूड़े से पटे हैं. यहा के लोग इस स्थिति में आधे संतुष्ट हैं तो आधे असंतुष्ट. बहुत से लोग एक स्वर में यह भी कहते हैं कि वार्ड पार्षद बस अपने आस-पास के एरिया पर ही ध्यान देते हैं और कई मुहल्लों को ऐसे ही अनाथ छोड़ दिया है. वार्ड के कई मुहल्ले में पीसीसी व नाली निर्माण दिखता है, पर बहुत से मुहल्ले अब भी विकास के इंतजार में है. पीएचइडी कॉलनी की सड़कों व गलियों से जब गुजरा, तो बहुत से लोग सामने आकर स्थिति को स्पष्ट किया. ——————सालों भर रहता है जलमग्न : कांतिपीएचइडी कॉलनी निवासी कांति देवी ने बताया कि यहां की स्थिति सालों भर एक जैसी रहती है. बरसात समाप्त होने के बाद भी सड़कों पर घुटने भर पानी जमा रहता है. अपने पैसे से रोड़ा व छाई भरा कर कुछ दूर रास्ते को सही करायी हूं. वार्ड पार्षद का ध्यान इस मुहल्ले पर बिल्कुल ही नहीं है. समस्या के प्रति पार्षद गंभीर नहीं : राकेशवार्ड आठ के राकेश रंजन ने बताया कि किसी भी समस्या पर वार्ड पार्षद गंभीर नहीं है. शिकायतें सुनी नहीं जाती. पार्षद प्रतिनिधि फोन नहीं उठाते हैं. मुहल्ले में गंदगी का अंबार लगा होता है. सड़कों पर नाली का पानी जमा रहता है. वार्ड पार्षद इस समस्या से अवगत हैं, पर उन्हें कोई परवाह नहीं कि मुहल्ले के लोग कैसे रहेंगे. आखिर कब बदलेगी वार्ड की सूरत : रामजन्म सिंहपीएचइडी कॉलनी निवासी रामजन्म सिंह कहते हैं कि जलजमाव व कूड़े का अंबार लगे रहने से मुहल्ले में रहना दूभर हो गया है. वार्ड पार्षद का उपेक्षित रवैया विकास में बाधा पहुंचा रहा है. गंदगी के कारण मच्छड़ों का पनपना आम हो गया है. बीमारी का भय सताने लगा है. आखिर वार्ड की सूरत कब बदलेगी पता नहीं.नाली के पानी से जाते हैं लोग : अविनाशपीएचइडी कॉलनी की बहुत सी सड़क कच्ची है. नाली का निर्माण नहीं कराये जाने के कारण सड़क पर बहते नाली का पानी लांघ कर जाने पर लोग मजबूर हैं. वर्षों से गांव जैसी स्थिति में रह रहे हैं. लोगों की समस्या से वार्ड पार्षद को कोई मतलब नहीं. साफ-सफाई और स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया जाता. पता नहीं कब कच्ची सड़क बनेगी और कब नालियों का निर्माण कराया जायेगा.——————————‘नाली व पीसीसी का कराया गया निर्माण’ नगर पर्षद के वार्ड आठ के वार्ड पार्षद रूबी शर्मा हैं. इस वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि धर्मेंद्र शर्मा बताते हैं कि वार्ड के विकास के लिए बहुत रुपये खर्च किये गये हैं. शहरी विकास योजना के तहत करीब ढाई करोड़ की लागत से नाली व पीसीसी का निर्माण कराया गया है. वहीं नाली व पीसीसी पर नगर विकास योजना के तहत सात लाख 40 हजार रुपये खर्च किये गये हैं. उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण नगर मुहल्ले की सभी सड़कें पीसीसी हो चुकी है. 2016 में अन्य मुहल्लों की समस्या भी दूर कर दी जायेगी. वार्ड आठ में सबसे बड़ी समस्या नाली की थी, जिसका 75 प्रतिशत समाधान किया जा चुका है. जमीन के अभाव के कारण बहुत से जगहों पर नाली व सड़क का निर्माण संभव नहीं हो सका है. सदर प्रखंड कार्यालय के सुस्त रवैये के कारण विवादित नाली व सड़क का जमीन अधर में लटका हुआ है. जिस दिन विभाग गंभीर हो जायेेगा उस दिन वार्ड की करीब-करीब समस्याएं दूर हो जायेगी. वार्ड में पर्याप्त रोशनी के लिए 30 एलइटी व 50 सीएफएल बल्ब लगाये गये हैं.
वार्ड आठ के विकास में खर्च हुए करोड़ रुपये, पर लोग असंतुष्ट
वार्ड आठ के विकास में खर्च हुए करोड़ रुपये, पर लोग असंतुष्ट कचरे से भरी है कच्ची नालियां (फोटो नंबर-11,12 बाकी नाम से)कैप्शन- औरंगाबाद (सदर) किसी भी वार्ड में विकास कार्य हुए हैं या नहीं ये जानना हो तो सबसे अच्छा तरीका है कि संबंधित वार्ड के लोगों से जानकारी ली जाये. रविवार को नगर […]
