नगर पर्षद के वार्ड नंबर सात का क्षेत्र है बड़ा, पर विकास के लिए रुपये मिलते तय साफ-सफाई में लापरवाही से लोग नाराज (फोटो नंबर-12 बाकी नाम से)कैप्शन- साफ-सफाई के अभाव में नाली में पसरी गंदगी(लीड) औरंगाबाद (सदर)किसी भी शहर के विकास में स्थानीय जनप्रतिनिधि का बहुत बड़ा रोल होता है. सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुचाना और सुविधाओं को बहाल करना जनप्रतिनिधि की अहम जिम्मेवारी होती है. ऐसे में जब लोग जहां निवास करते हैं उनमें अगर विकास के प्रति असंतोष पनपने लगे तो सीधे-सीधे उंगली जनप्रतिनिधि पर ही उठती है. वार्ड संख्या सात नगर पर्षद का सबसे बड़े क्षेत्र वाला वार्ड है. एक बड़े क्षेत्रफल में फैले इस वार्ड में लगभग 2400 मतदाता बताये जाते हैं, लेकिन अनुमानत: जनसंख्या के हिसाब से मतदाताओं की संख्या बेहद कम है. इस वार्ड का दुर्भाग्य है कि अन्य वार्ड की तरह इसे भी नगर पर्षद का सामान्य वार्ड ही समझा जाता है. क्षेत्र बड़ा है इसलिए नगर पर्षद द्वारा दिये जाने वाले विकास के रुपये कम पड़ जाते हैं. यहां के लोग आधे-अधुरे हो रहे विकास को देखते हुए नगर पर्षद को कोसते रहते हैं. कुछ लोग वार्ड पार्षद से भी विकास कार्य को लेकर नाराज दिखते हैं. शनिवार को जब वार्ड का जायजा लिया गया तो कई चीजे स्पष्ट रूप में सामने आयी. मुहल्ले की कई सड़कें बनी थी तो कई कच्ची भी थी. नाली का अभाव है और साफ-सफाई के नाम पर लापरवाही भी दिखी. जब स्थानीय लोगों से मिल कर समस्या जानने का प्रयास किया गया, तो समस्याएं स्पष्ट हुए.आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिला पर्यवेक्षिका का नहीं रहता ध्यान : नगर पर्षद के वार्ड संख्या सात में दो आंगनबाड़ी केंद्र हैं. एक रामराज्य नगर व दूसरा कर्मा रोड में हैं. कर्मा रोड में केंद्र संख्या-134 व रामराज्य नगर में केंद्र संख्या-135 दोनों सुचारु रूप से चलता तो है, पर बाल विकास परियोजना की महिला पर्यवेक्षिका का इस केंद्र पर जरा भी ध्यान नहीं है. सामाजिक अंकेक्षण की सुनिश्चित तिथि पर होनेवाली बैठक में गायब पायी जाती है. शुक्रवार को इनकी उपस्थिति केंद्र पर नहीं पायी गयी. वहीं कर्मा रोड स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर एएनएम द्वारा लापरवाही बरती जाती है. आंगनबाड़ी केंद्र पर नियमित टीकाकरण में महिला स्वास्थ्य सेविका गायब रहती हैं. इन दोनों की उपस्थिति को लेकर यहां के लोगों में नाराजगी है. ————————————वार्ड पार्षद नहीं देते ध्याननगर पर्षद का सबसे बड़ा वार्ड होने के कारण वार्ड पार्षद पूर्ण रूप से वार्ड पर ध्यान नहीं दे पाते. हालांकि वार्ड के कई मुहल्लों में विकास कार्य हुए हैं. हेमंती देवी, रामराज नगर निवासीवार्ड में सड़कें व नाली पूरी नहीं बन सकी है. ऐसा लगता है नगर पर्षद को यह पता नहीं है कि वार्ड सात सबसे बड़ा वार्ड है. सफाई की कमी रहती है.संध्या सिन्हा, कर्मा रोडवार्ड पार्षद अपनी ओर से कोशिश तो करते हैं, पर ऐसा लगता है कि नगर पर्षद का सहयोग नहीं मिल पाता. थोड़ी सी राशि में वार्ड का विकास कैसे संभव है.धीरज कुमार, रामराज नगरसाफ-सफाई को देख कर वार्ड में ऐसा लगता है कि नगर पर्षद में सफाईकर्मियों की कमी है. वार्ड की सड़कों व नालियों पर ध्यान देने की आवश्यकता है. गौतम कुमार, रामराज नगर—————————नाली व सड़क का हो रहा निर्माणनगर पर्षद के वार्ड नंबर सांत के पार्षद राजीव रंजन उर्फ विनोद ठाकुर का कहना है कि नगर विकास योजना व शहरी विकास योजना से वार्ड का विकास कराया गया है. क्षेत्रफल बड़ा होने के कारण परेशानी होती है. नगर पर्षद द्वारा अन्य वार्डों की तरह वार्ड सात को रुपये उपलब्ध होते हैं, जिसके कारण कुछ अधूरा कार्य रह गया है. वार्ड के सुभाष नगर में 23 लाख की लागत से सड़क का निर्माण कराया गया, वहीं मुहल्ले में बिजली पोलों पर 20 एलइडी लाइट लगाये गये. अभी शहरी विकास योजना के लगभग साढ़े 19 लाख रुपये से नाली व सड़क का निर्माण चल रहा है. जलजमाव की समस्या को देखते हुए स्वयं खर्च कर छाई से रोड को भरने का भी कार्य करा चुके हैं. वार्ड पार्षद का कहना है कि रामराज नगर के मुख्य सड़क जो देवी मंदिर के समीप है वो करीब 10 साल से विवादित है, जबकि इसकी मापी कराने के बाद भी नगर पर्षद के पदाधिकारी उस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं. इस सड़क को ठीक कराने का वादा कर चुके कई पदाधिकारियों का तबादला भी हो चुका. 10 वर्ष से लंबित पड़े इस विवादित सड़क पर जिस दिन विभाग गंभीर हो जायेगी, उस दिन मुहल्ले की रौनक बढ़ जायेगी.
नगर पर्षद के वार्ड नंबर सात का क्षेत्र है बड़ा, पर विकास के लिए रुपये मिलते तय
नगर पर्षद के वार्ड नंबर सात का क्षेत्र है बड़ा, पर विकास के लिए रुपये मिलते तय साफ-सफाई में लापरवाही से लोग नाराज (फोटो नंबर-12 बाकी नाम से)कैप्शन- साफ-सफाई के अभाव में नाली में पसरी गंदगी(लीड) औरंगाबाद (सदर)किसी भी शहर के विकास में स्थानीय जनप्रतिनिधि का बहुत बड़ा रोल होता है. सरकार की योजनाओं को […]
