सदर अस्पताल में दवा की कमी से मरीजों को हो रही परेशानी

सदर अस्पताल में दवा की कमी से मरीजों को हो रही परेशानीमरीजों के इलाज में खानापूर्ति! चिकित्सक व कर्मचारियों की भी है कमी(फोटो नंबर-12)कैप्शन- सदर अस्पताल(लीड) औरंगाबाद (नगर)स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए सरकार करोड़ों रुपये प्रति माह दवा से लेकर इलाज पर खर्च कर रही है, ताकि सही तरीके से आर्थिक रूप […]

सदर अस्पताल में दवा की कमी से मरीजों को हो रही परेशानीमरीजों के इलाज में खानापूर्ति! चिकित्सक व कर्मचारियों की भी है कमी(फोटो नंबर-12)कैप्शन- सदर अस्पताल(लीड) औरंगाबाद (नगर)स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए सरकार करोड़ों रुपये प्रति माह दवा से लेकर इलाज पर खर्च कर रही है, ताकि सही तरीके से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों का उपचार हो सके और उन्हें नि:शुल्क में दवाइयां मिल सके. लेकिन औरंगाबाद जिले में इसका कोई असर नहीं है. पिछले कई महीनों से सरकारी चिकित्सालयों में जीवन रक्षक दवाइयां समाप्त है. वहीं चिकित्सकों व कर्मचारियों की घोर कमी है. किसी तरह जैसे-तैसे लोगों को इलाज कर खानापूर्ति की जा रही है. ताज्जुब की बात तो यह है कि जिस सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल बनाने के लिए केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एजेंसी ने चयन किया है. वह अस्पताल आज पीएचसी से भी बदतर है. यहां पर्याप्त मात्रा में न तो चिकित्सक व कर्मचारी हैं और न ही चार्ट के अनुसार दवाइयां. मरीज आस लेकर इलाज कराने के लिए सदर अस्पताल तो पहुंचते हैं, लेकिन इलाज के बार दवा नहीं मिलने से उन्हें काफी परेशानी होती है. मरीज तो बस इसी उद्देश्य से सदर अस्पताल इलाज के लिए आते हैं कि कम पैसा में सही उपचार हो जायेगा और बीमारी ठीक हो जायेगी, लेकिन जब घंटों देर इंतजार करने के बाद काउंटर पर पहुंचते हैं तो बस उन्हें पूर्जो पर दवा लिखा जाता है, जो सदर अस्पताल में उपलब्ध नहीं है. जल्द होगी दवा की खरीद इस संबंध में सिविल सर्जन डाॅ रामप्रताप सिंह ने बताया कि दवा खरीदने के लिए कॉटेशन मंगाया गया है. डीएस स्तर से एक लाख की दवाइयां तत्काल खरीदी जायेगी. इधर, उपाधीक्षक डाॅ तपेश्वर प्रसाद ने बताया कि जल्द ही दवा की खरीदारी कर ली जायेगी. मरीजों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो इस पर प्रबंधन को विशेष नजर है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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