दूसरे प्रखंड में पढ़ने जाते हैं पांडेयपुर के बच्चे

दूसरे प्रखंड में पढ़ने जाते हैं पांडेयपुर के बच्चे पानी, बिजली व स्कूल की सुविधा से लोग अब भी दूर कुटुंबा (औरंगाबाद) प्रखंड के पांडेयपुर गांव के लोग आवश्यक सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं. स्वतंत्रता प्राप्ति से लेकर अब तक गांव में बिजली नहीं पहुंच पायी है. इसके चारों तरफ के गांव में बिजली […]

दूसरे प्रखंड में पढ़ने जाते हैं पांडेयपुर के बच्चे पानी, बिजली व स्कूल की सुविधा से लोग अब भी दूर कुटुंबा (औरंगाबाद) प्रखंड के पांडेयपुर गांव के लोग आवश्यक सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं. स्वतंत्रता प्राप्ति से लेकर अब तक गांव में बिजली नहीं पहुंच पायी है. इसके चारों तरफ के गांव में बिजली है, पर यहां के लोग मोबाइल चार्ज के लिए भटक रहे हैं. अब तक बिजली उपलब्ध नहीं कराये जाने के कारण ग्रामीण टेलीविजन से भी दूर हैं. कृषि से गुजर बसर करने वाले लोग सिंचाई के पानी के लिए तरस रहे हैं. बरियावा माइनर का खुदाई होने पर भरोसा था कि अब खेती करने में सहूलियत होगी, पर उनमें अनेकों बाधाएं उत्पन्न होने के कारण ग्रामीणों के आशा पर पानी फिर गया. गांव के सेवानिवृत्त शिक्षक कृष्ण मुरारी पांडेय, देवकुमार पांडेय, मनोज पांडेय, गौतम व मिथिलेश पांडेय ने बताया कि यहां के बच्चों को प्राइमरी शिक्षा के लिए नवीनगर प्रखंड के ढंगर बिगहा गांव में जाना पड़ता है, जो कोसों दूर है. यह गांव पहले प्रखंड की जगदीशपुर पंचायत के अंतर्गत था, जो अब सूही पंचायत के अंतर्गत है. वैसे भी प्रखंड के अंतिम छोर पर होने के कारण ग्रामीणों को कई मुसीबतों का सामना करना पड़ता है. इस संबंध में पंचायत समिति सदस्य निकू देवी ने बताया कि वर्ष 2012 के दिसंबर में पंचायत समिति की बैठक में स्कूल का प्रस्ताव लिया गया है, पर सरकार की लापरवाही के कारण अभी तक स्कूल नहीं खोला जा सका है. इधर, मुखिया रमता प्रसाद सिंह ने बताया कि गांव में बिजली पहुंचाने का प्रयास शुरू कर दिया गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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