औरंगाबाद (ग्रामीण) : जिले में दशहरा पर्व हर्षोल्लास के साथ शांतिपूर्वक संपन्न हो गया. दशहरा के मौके पर पूजा पंडालों और शहर की सुंदरता को देखने के लिए ग्रामीण इलाकों से आये श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा.
अष्टमी की पूरी रात और नवम-दशमी के पूरे दिन मां के दर्शन एवं पूजन के लिए लोग बेताब रहे.
भक्तों ने असत्य पर सत्य, न्याय पर शांति और अहंकार पर प्रेम तथा असुरी शक्ति के ऊपर दैवीय जीत के लिए मां दुर्गा के भिन्न-भिन्न रूपों की आराधना की. जिले भर के लाखों श्रद्धालु गुरुवार की देर शाम नम आंखों से मां की प्रतिमाओं को विसर्जित की. शहर के हनुमान मंदिर, गणपति मंदिर, दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. हजारों श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिये मत्था टेका व नारियल फोड़े. वैदिक मंत्रोच्चरण, शंख की ध्वनि और हवन की अग्नि शहर को भक्तिमय बनाने के लिये काफी थी.
शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब
गुरुवार की दोपहर से जिला मुख्यालय में पूजा स्थलों से देवी -देवताओं की प्रतिमा विसर्जन के लिए शोभायात्रा के साथ निकाली गयी. जिला मुख्यालय में लगभग एक दर्जन जगहों पर प्रतिमा स्थापित की गयी थी.
विभिन्न पंडालों के प्रतिमाओं को अदरी नदी में विसर्जन के लिए पुरानी जीटी रोड से ले जाया गया. सभी अखाड़ा के ओस्ताज पारंपरिक हथियारों के साथ शोभा यात्रा में शामिल हुए. इस शोभायात्रा में लोगों ने जम कर नृत्य किया एवं अपने कला का प्रदर्शन किया. शाहपुर ,सत्येन्द्र नगर,ओवर ब्रिज, जसोईया, काली क्लब, तेलिया पोखर, क्लब रोड, रविदास नगर, महाजन क्लब, धर्मदास संघत अखाड़े के प्रतिमा के साथ लोग झूमते हुए जुलूस में शामिल हुए.
सुरक्षा की चाक-चौबंद थी व्यवस्था
देवी-देवताओं की प्रतिमा के विसर्जन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा भारी सुरक्षा व्यवस्था की गयी थी. शहर के जामा मसजिद पर एडीएम सुरेश प्रसाद साह, एनडीसी प्रमोद पांडेय, एसडीओ सुरेंद्र प्रसाद, एसडीपीओ पीएन साहु ,डीएसपी सुमित कुमार, नगर थानाध्यक्ष रविप्रकाश सिंह सुरक्षा का जायजा ले रहे थे.
पूर्व विधायक सुरेश मेहता, खुर्शीद आलम, सिकंदर हयात, राजद नेता डाॅ रमेश यादव, मरगूब आलम, कांग्रेस नेता रामविलास सिंह, वार्ड सदस्य मो इरफान अंसारी सहित कई समाजसेवी, बुद्धिजीवी उपस्थिति थे, जो पुलिस के सहयोग व आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने के लिये लगे हुए थे.
गड़बड़ी की आशंका को लेकर तैनात थे जवान
प्रतिमा विसर्जन के लिए इस बार जिला प्रशासन द्वारा सीआरपीएफ, एसटीएफ, डीटीएफ, जिला पुलिस के सैकड़ों जवानों को लगाया गया था, जो जुलूस एवं अन्य असामाजिक तत्वों पर नजर रखे हुए थे. शहर के सबसे संवेदनशील इलाका धरनीधर रोड से पुरानी सब्जी मंडी तक प्रत्येक घरों के छत पर जवानों को लगाया गया था. इसके अलावा जामा मसजिद पर सीआरपीएफ और जिला पुलिस बल के जवान तैनात किये गये थे. पुलिस अधीक्षक बाबू राम भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे.
गणपति मंदिर में आरती में शामिल हुए श्रद्धालु
लोगों के आस्था और विश्वास का केंद्र बन चुका धर्मशाला चौक स्थित गणपति मंदिर में आरती के दौरान सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे. आरती के उपरांत महाप्रसाद का वितरण किया गया. शहर के दुर्गा मंदिर और धर्मदास संगत, मां दुर्गा पूजा समिति ओवर ब्रीज, मां शेरावाली क्लब तेलिया पोखरा, मां भारती क्लब रमेश चौक में भी महाआरती का आयोजन किया गया. हजारों श्रद्धालुओं ने देवी- देवताओं के दर्शन कर महाप्रसाद ग्रहण किया.
