हम्मित के साथ संघर्ष के लिए की जाती है मां चंद्रघंटा की पूजा

हिम्मत के साथ संघर्ष के लिए की जाती है मां चंद्रघंटा की पूजा हसपुरा (औरंगाबाद) नवरात्र की कलश स्थापना के तीसरे दिन मां दुर्गा की चंद्रघंटा के रूप में आस्था के साथ श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की. आचार्य पंडित लाल मोहन शास्त्री ने दुर्गा मां की तीसरी शक्ति चंद्रघंटा का वर्णन करते हुए कहा कि उनके […]

हिम्मत के साथ संघर्ष के लिए की जाती है मां चंद्रघंटा की पूजा हसपुरा (औरंगाबाद) नवरात्र की कलश स्थापना के तीसरे दिन मां दुर्गा की चंद्रघंटा के रूप में आस्था के साथ श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की. आचार्य पंडित लाल मोहन शास्त्री ने दुर्गा मां की तीसरी शक्ति चंद्रघंटा का वर्णन करते हुए कहा कि उनके माथे पर आधा चंद्र और साथ में बजती घंटी है. उनका स्वभाव हमेशा गुस्सा भरा है. हमेशा शेर पर बैठी संघर्ष के लिए तैयार रहती है. उनमें हिम्मत की अभूतपूर्व छवि है. अपनी घंटा की तेज ध्वनि से सभी राक्षस समेत प्रतिद्वंद्वियों को डरा देती है. उनकी पूजा हिम्मत के साथ संघर्ष के लिए की जाती है. बाजार के रेफरल अस्पताल प्रांगण में पुरानी दुर्गा स्थान, पटेल चौक समेत देवकुंड, बघोई, पचरूखिया, सिहाड़ी सती स्थान कोइलवा, डिंडिर, पीरू, बंधु बिगहा, डुमरा व इटवा गांव में मां दुर्गा के तीसरे रूप चंद्रघंटा की पूजा अर्चना में शंख ध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो गया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >