पीएम ने किया हमला. सूबे में जंगलराज कायम, समाधान करेगा एनडीए
डेहरी/सासारामध/ औरंगाबाद : अभी जो बिहार का माहौल और लोगों का हुजूम देखने को मिल रहा है, ऐसा माहौल लोकसभा (लोस) चुनाव में भी नहीं दिखा था. इसका मतलब स्पष्ट है कि बिहार की जनता राज्य में बदलाव चाहती है. इस सरकार से पूरी तरह ऊब चुकी है. ये बातें सुअरा हवाई अड्डे पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहीं. उन्होंने कहा कि बिहार में कोई कार्रवाई होती है, तो वह दुष्कर्म का.
आज भी राज्य में जंगल राज कायम है. इसका समाधान एनडीए शीघ्र करेगा. उन्होंने कहा कि अगर बिहार में बिजली होती, तो उद्योग होते. सुरक्षा होती, तो उद्योगपति आते. लेकिन, अहंकार तले राज्य का सब कुछ दफन हो गया. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने एक दलित के बेटे को निजी स्वार्थ के लिए इसी राज्य में कुरसी से बेदखल किया, वे ही आज खुद को गरीबों की हिमायती बताते हैं.
यहीं नहीं, राज्य में महिलाएं असुरक्षित हैं. मोदी ने कहा कि बिहार विकास के लिए एक लाख पैंसठ हजार करोड़ रुपये विशेष पैकेज के तौर पर दिये गये हैं. अगर, उक्त राशि का खर्च सही हो तो शुरुआती दौर में ही बिहार जगमग हो जायेगा. मोदी ने कहा कि आज वे लोग हिसाब मांग रहे हैं, जो लंबे समय तक बिहार और देश पर राज किये. वे लोग अपने हिसाब क्यों नहीं देते. हिसाब के पहले सरकार बचाने की कोशिश कर लें, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो. सभा का संचालन सुधीर शर्मा ने किया. कार्यक्रम को प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय, नरेंद्र सिंह तोमर, उपेंद्र कुशवाहा, रालोसपा जिलाध्यक्ष ब्रह्मानंद चंद्रवंशी, लोजपा जिलाध्यक्ष अतुल कुमार सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष राधा मोहन सिंह पांडेय सहित कई लोगों ने किया.
प्रधानमंत्री को देखने व सुनने उमड़े लोग
औरंगाबाद (नगर) : औरंगाबाद के सीआरपीएफ कैंप परिसर में शुक्रवार को जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हेलीकॉप्टर पर लोगों की नजर पड़ी, वैसे ही लोग दोनों हाथ उठा कर सभा स्थल से मोदी-मोदी का नारा लगाने लगे. मोदी-मोदी के नारे से पूरा सभास्थल गूंज उठा. हर व्यक्ति मोदी को एक झलक पाने के लिए बेताब थे. जैसे ही नरेंद्र मोदी हेलीपैड पर उतरे, वैसे ही भाजपा सांसद सुशील कुमार सिंह, विधायक रामाधार सिंह सहित अन्य नेताओं ने बुके देकर स्वागत किया.
हेलीपैड से मोदी चारपहिया वाहन से मंच पर पहुंचे और जब लोगों का अभिवादन किया तो सभा में उपस्थित लाखों लोगों ने दोनों हाथ उठा कर मोदी का स्वागत किया. उसके बाद मोदी ने सभी को शांत रहने का इशारा किया. बावजूद लोगों में इतना उत्साह था कि मोदी-मोदी करते ही रहे. इसके बाद सभी आठ विधानसभा क्षेत्रों से पहुंचे एनडीए के प्रत्याशियों ने एक-एक कर नरेंद्र मोदी को गुलदस्ता भेंट किया.
सांसद ने नरेंद्र मोदी को दिया प्रतीक चिह्न : मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधन करने के पहले भाजपा सांसद सुशील कुमार सिंह ने प्रतीक चिह्न भेंट किया. साथ ही, औरंगाबाद की धरती पर पीएम नरेंद्र मोदी का जोरदार स्वागत किया. वहीं भाजपा विधायक रामाधार सिंह ने देव सूर्य मंदिर का प्रतीक चिह्न व अंग वस्त्र देकर नरेंद्र मोदी का स्वागत किया.
भीड़ को नियंत्रण करने में प्रशासन के छूटे पसीने : पीएम नरेंद्र मोदी का भाषण सुनने के लिए औरंगाबाद जिले के साथ-साथ गया जिले से भी लोग काफी संख्या में पहुंचे थे. प्रशासन की उम्मीद से ज्यादा भीड़ पहुंच गयी. जिसे नियंत्रण करने में प्रशासन के पसीने छूट गये. हर व्यक्ति मंच के नजदीक पहुंचना चाह रहा था. लेकिन प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गयी थी. वहां पर पुलिस पदाधिकारी व काफी संख्या में जवान तैनात किये गये थे. बावजूद लोगों ने बैरिकेडिंग को तोड़ने का प्रयास किया.
इसके बाद खुद जिलाधिकारी कंवल तनुज ,पुलिस अधीक्षक बाबू राम, एसडीओ सुरेंद्र प्रसाद, एसडपीओ पीएन साहू, एएसपी अभियान राजेश भारती ने काफी मशक्कत कर भीड़ को नियंत्रित किया. जिलाधिकारी पहले भीड़ में जाकर लोगों को समझा बुझा कर बैठाया. जब लोग फिर से बैरिकेडिंग पर दबाव डालने लगे तो जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने बैरिकेडिंग को पूरे कार्यक्रम तक पकड़े रहे. प्रशासन को भय सत्ता रहा था कि कहीं भगदड़ न हो जाये.
सुबह से ही सभा स्थल पर पहुंचने लगे थे लोग
पीएम नरेंद्र मोदी का भाषण सुनने के लिए लोग काफी उत्सुक थे. जैसे ही पौ फटा, लोग खाना-नाश्ता कर घर से भाषण सुनने के लिए सभा स्थल की ओर चल पड़े. यहीं नहीं दो किलोमीटर का पैदल रास्ता तय कर सभा स्थल पर पहुंचे और मोदी का भाषण सुने.
रैली के दौरान शहर में पसर गया था सन्नाटा
प्रधानमंत्री की सभा के दौरान शहर में सन्नाटा पसरा रहा. अधिकतर व्यवसायी अपनी-अपनी दुकानें बंद कर नरेंद्र मोदी का भाषण सुनने के लिए सभा स्थल पर पहुंच गये. सभा समाप्त होने के बाद बाजार की रौनक लौटी.
मोदी के आने के पहले बोल चुके थे सभी नेता
नरेंद्र मोदी की सभा में जो भी प्रदेश स्तरीय व जिला स्तरीय नेता मंच पर थे उन्हें मोदी के सक्षम बोलने का मौका नहीं दिया गया. मोदी के आने के पहले ही सभी नेताओं का संबोधन समाप्त हो चुका था.
एक किलोमीटर दूर ही रोक दिया गया था वाहनों को
प्रधानमंत्री की सभा में लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सभा स्थल से एक किलोमीटर दूर ही वाहन को रोक दिया गया था. इसके कारण लोगों को पैदल सभास्थल तक आना पड़ा.
पहली बार एक साथ उतरे तीन हेलीकॉप्टर
जिले में एक ही जगह पर एक ही समय तीन हेलीकॉप्टर जैसे ही उतरा वैसे ही लोगों के मुंह से निकल पड़ा कि पहले कभी भी एक साथ तीन हेलीकॉप्टर नहीं उतरा था. सभा समाप्त होने के बाद अधिकतर लोग तीनों हेलीकॉप्टर के उड़ने तक जमे रहे.
एनएच-98 घंटों रहा जाम
नरेंद्र मोदी की सभा के कारण एनएच-98 पर परिचालन घंटों देर तक प्रभावित रहा. प्रधानमंत्री के आने के एक घंटा पहले से लेकर जाने के एक घंटे बाद तक परिचालन ठप रहा, जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा.
कार्यक्रम बाद अधिकारियों ने ली राहत की सांस
जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन की सूचना जिला प्रशासन को छह अक्तूबर को मिली थी उसी दिन से अधिकारी काफी बेचैन थे. अधिकारियों को चिंता सता रही थी कि सही तरीके से नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम संपन्न हो जाये. इसमें कोई बदनामी न हो. मोदी की सभा जैसे ही समाप्त हुई और औरंगाबाद से रवाना हुए वैसे ही अधिकारियों ने राहत की सांस मिली. अधिकारी तुरंत आवास की ओर निकल पकड़े.
सासाराम (कार्यालय). नरेंद्र सिंह तोमर ने संबोधन के दौरान सासाराम सांसद को छेदी राम पासवान कह कर संबोधित किया, तो बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी को जीनत राम मांझी कह कर संबोधित किया. इस सभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने संबोधन के दौरान काराकाट के भाजपा नेता राजेश्वर राज को राजेश्वर राव कह कर संबोधित किया.
बीएसएनएल अधिकारियों के उस समय पसीने छूटने लगे, जब प्रधानमंत्री के सुअरा हवाई अड्डे पर शुक्रवार को कार्यक्रम के दौरान हाॅट लाइन में खराबी आ गयी. हालांकि, जिस समय हॉट लाइन में खराबी आयी, उस समय पीएम हवाई अड्डे पर नहीं पहुंचे थे. आगमन के पूर्व कनेक्शन में फोन का रिसीवर रखते ही लगातार घंटी बजने लगी. बाद में इसे ठीक कराया गया.कराया इसके बाद आनन-फानन में अधिकारियों ने उसे ठीक कराया.
