‘मुख्यमंत्री नीतीश के इशारे पर हुई कार्रवाई’

पटना में छात्रों की पिटाई के विरोध में 30 मार्च को ऐतिहासिक होगा बिहार बंद : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद औरंगाबाद (नगर) : बिहार विधानसभा घेराव के दौरान पटना में अभाविप के छात्रों पर पुलिस द्वारा की गयी लाठीचार्ज व गोलीबारी के विरोध में अभाविप ने 30 मार्च को राज्यव्यापी बिहार बंद की घोषणा की […]

पटना में छात्रों की पिटाई के विरोध में 30 मार्च को ऐतिहासिक होगा बिहार बंद : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद
औरंगाबाद (नगर) : बिहार विधानसभा घेराव के दौरान पटना में अभाविप के छात्रों पर पुलिस द्वारा की गयी लाठीचार्ज व गोलीबारी के विरोध में अभाविप ने 30 मार्च को राज्यव्यापी बिहार बंद की घोषणा की है.
बंद को सफल बनाने के उद्देश्य से शनिवार को अभाविप के छात्र नेताओं ने प्रेसवार्ता की. इस दौरान संगठन के प्रदेश सह मंत्री दीपक कुमार ने कहा कि पूरे बिहार से पहुंचे छात्र शांतिपूर्वक तरीके से विधानसभा का घेराव कर रहे थे. लेकिन, तानाशाह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इशारे परे पटना के एसएसपी जितेंद्र राणा ने निहत्थे व निदरेष छात्रों पर एके-47 से जान मारने की नियत से फायरिंग करायी, पानी का बौछार व आंसू गैस के गोले दागे. यही नहीं छात्रों को दौड़ा-दौड़ा कर बेरहमी से पिटाई की गयी.
छात्र नेता उज्जवल कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस द्वारा की गयी बर्बरतापूर्ण कार्रवाई के खिलाफ 30 मार्च को बिहार बंद की घोषणा की गयी है. इस बंदी में सभी छात्र संगठन, राजनीतिक दल, बुद्धिजीवी, कोचिंग व विद्यालय चलाने वालों से अपील करते हैं कि सामाजिक रूप से समर्थन करें. सिन्हा कॉलेज अध्यक्ष शशि कुमार ने कहा कि निदरेष छात्रों को पिटाई करने के बाद झूठा मुकदमा दर्ज कर छात्रों को जेल भेज दिया गया. सरकार से मांग करते हैं कि दोषी एसएसपी व पुलिसकर्मियों को अविलंब बरखास्त किया जाये, नहीं तो अभाविप आंदोलन को तेज करेगी. प्रदेश कार्य समिति सदस्य आकाश कुमार ने कहा कि बिहार की सरकार तानाशाही रवैया अपनाते हुए लोकतंत्र का हनन किया है. इस देश में सभी लोगों को लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने का हक है.
लेकिन नीतीश कु मार छात्रों के आंदोलन को गोली व लाठी के दम पर दबाना चाहते हैं. इससे छात्र दबने वाले नहीं है. छात्र प्रमुख रितिका कुमारी ने कहा कि बिहार की शिक्षा रसातल में चली गयी है. नैतिकता के आधार पर नीतीश कुमार को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. छात्रों की पिटाई के विरोध में बिहार बंद ऐतिहासिक होगा. इस दिन मेडिकल, एंबुलेंस, दूध की दुकान छोड़ कर सभी बंद रहेगा. राष्ट्रीय राजमार्ग-दो, रेल चक्का जाम किया जायेगा. इसके लिए क्यों न उग्र होना पड़े, सभी तैयार है.
पटना में पिटाई के बाद औरंगाबाद पहुंचे छात्र नेता विवेक कुमार ने जख्म दिखाते हुए फूट-फूट कर रो पड़े और कहा कि इस तरह की बर्बरतापूर्ण कार्रवाई अंगरेजों के जमाने में होता था. लेकिन पटना की पुलिस ने सरकार के इशारे पर छात्रों की बेदर्दी से पिटाई की. जबकि देश की दशा व दिशा छात्र ही तय करते हैं. प्रेसवार्ता में मोनू, गौरव, अमित सहित अन्य लोग उपस्थित थे. बंद को सफल बनाने के उद्देश्य से रविवार की शाम अभाविप द्वारा गांधी मैदान से मशाल जुलूस निकाला जायेगा, जो शहर के मुख्य मार्ग होते हुए रमेश चौक पहुंचेगा.

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