1500 छात्राओं के पढ़ने के लिए बस आठ कमरे

अंबा (औरंगाबाद) : प्रखंड का इकलौता गल्र्स हाइस्कूल संसाधनहीनता का दंश ङोल रहा है. यहां न तो छात्राओं को बैठने के लिए आवश्यक संसाधन (बेंच) है और न ही पढ़ने के लिए क्लास रूम. स्कूल में महज 10 कमरे है, जिसमें से एक कमरे में कार्यालय तो दूसरा शिक्षक कक्ष है. शेष आठ कमरों में […]

अंबा (औरंगाबाद) : प्रखंड का इकलौता गल्र्स हाइस्कूल संसाधनहीनता का दंश ङोल रहा है. यहां न तो छात्राओं को बैठने के लिए आवश्यक संसाधन (बेंच) है और न ही पढ़ने के लिए क्लास रूम. स्कूल में महज 10 कमरे है, जिसमें से एक कमरे में कार्यालय तो दूसरा शिक्षक कक्ष है.
शेष आठ कमरों में यहां डेढ़ हजार छात्राओं को अध्ययन-अध्यापन होता है. यदि एक साथ स्कूल की सभी छात्राएं आ जाती है तो बैठने का भी जगह नहीं मिलता है. स्कूल आने पर जगह के अभाव में भी छात्राओं को घर लौटना पड़ता है. हालांकि, स्कूल प्रबंधक उपलब्ध संसाधनों में शिक्षण कराने का प्रयास करते हैं, पर उनकी एक न चलती है. स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक रजनीकांत ने बताया कि नियमित पढ़ाई होती है. कमरे की किल्लत को देख कर पिछले वर्ष सांसद सुशील कुमार सिंह ने सांसद निधि से स्कूल में दो कमरे का निर्माण करवाया, पर वह भी अपर्याप्त दिखता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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