औरंगाबाद कार्यालय : मदनपुर थानाध्यक्ष पंकज कुमार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग-दो पर कोयला लदे वाहनों से अवैध वसूली करने का मामला प्रकाश में आया है. इस संबंध में एसडीपीओ अजय नारायण यादव ने अपने कार्यालय के पत्रंक 1202, दिनांक 23 मार्च 15 के तहत पत्र लिख कर थानाध्यक्ष द्वारा कोयला वाहनों से पैसा वसूलने की बात की पुष्टि की है और इन्हें थानाध्यक्ष पद से हटा कर विभागीय कार्रवाई करने की बात कही है.
एसडीपीओ द्वारा एसपी को लिखे गये पत्र में कहा गया है कि पंकज कुमार मदनपुर थानाध्यक्ष के पद पर जब से पदस्थापित हुए हैं, उनके द्वारा गाड़ियों को पकड़ कर अवैध रूप से पैसे वसूलने की सूचना मिल रही थी. इनके विरुद्ध मनोज कुमार यादव, सदस्य विधानसभा सह पूर्व नेता कांग्रेस विधायक दल झारखंड का आवेदन प्राप्त हुआ था. इसमें थानाध्यक्ष के विरुद्ध सात से 10 हजार प्रति वाहन अवैध रूप से वसूली करने की शिकायत की गयी थी. पैसे नहीं देने वाले वाहनों पर मुकदमा किये जाने की बात कही गयी थी.
मुख्यमंत्री बिहार सरकार को भी उन्होंने एक पत्र लिख कर ऐसे भ्रष्ट पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कही थी. इनके आवेदन के साथ-साथ अन्य लोगों द्वारा किये जा रहे शिकायत की जांच आवेदन पत्र में वर्णित तथ्य के आलोक में की गयी. इस दौरान यह पाया गया कि मदनपुर थानाध्यक्ष पंकज कुमार जब से यहां पदस्थापित हैं, तब से आये दिन जीटी रोड पर अवैध ढंग से गाड़ियों को पकड़ कर अवैध वसूली कर रहे थे. एसडीपीओ ने आगे लिखा है कि थानाध्यक्ष अपने इस कारनामे को अमलीजामा पहनाने के लिए दलालों (सिविलियन) का सहारा लेते हैं, ताकि इन पर अंगुली न उठे. जैसा कि दिनांक 20 फरवरी 15 व दिनांक 23 फरवरी 15 के घटित घटना व सिपाही, पदाधिकारी के बयान से भी स्पष्ट है.
थानाध्यक्ष मदनपुर द्वारा अपने इस गलत कारनामे को छुपाने के लिए वरीय पदाधिकारी के आदेश का दुहाई देते हैं. तथा अन्य पदाधिकारियों को भी गलत काम करने के लिए दिग्भ्रमित करते हैं. आगे कहा गया है कि ऐसा नहीं है कि इनके द्वारा वरीय पदाधिकारी के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है. पूर्व में भी अंबा में जब थानाध्यक्ष के रूप में पदस्थापित थे, तो वरीय पदाधिकारी के नाम पर इस तरह काम किया गया था.
उस बार इन्हें मौखिक चेतावनी देते हुए अंबा थानाध्यक्ष पद से हटा दिया गया था. एसडीपीओ ने लिखा है कि थानाध्यक्ष मदनपुर के इस संदिग्ध आचरण से पुलिस विभाग की छवि काफी धूमिल हुई है. जनता का पुलिस के ऊपर से विश्वास उठता दिखाई दे रहा है. साथ ही इनके द्वारा वरीय पदाधिकारियों को भी अपने निजी स्वार्थ के लिए बदनाम कर रहे हैं तथा उनकी छवि को धूमिल कर रहे हैं.
थानाध्यक्ष मदनपुर पुलिस अवर निरीक्षक पंकज कुमार के इस कुकृत्य से न केवल सरकार को प्रत्येक दिन लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि पुलिस की छवि भी धूमिल हो रही है. ऐसे भ्रष्ट, अनुशासनहीनता, कर्तव्यहीनता पदाधिकारी यदि थानाध्यक्ष के पद पर रहते हैं तो इससे पुलिस विभाग की जो मार्यादा है, वह धीरे-धीरे क्षीण होती चली जायेगी. इसलिए ऐसे भ्रष्ट पुलिस पदाधिकारी को थानाध्यक्ष के पद से हटाते हुए इनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई किये जाने की अनुशंसा की जाती है.
आरोप बेबुनियाद : थानाध्यक्ष
इस संबंध में मदनपुर थानाध्यक्ष पंकज कुमार ने बताया कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं. एसडीपीओ के आदेश मिलने पर ही गाड़ियों को पकड़ते थे. हम अपराधियों को पकड़ने में विश्वास रखते हैं, गाड़ियों को पकड़ने में नहीं. उन्होंने बताया कि गाड़ी पकड़ने के लिए एसडीपीओ के मिले आदेश को मोबाइल में रेकॉर्ड कर रखे हैं.
