औरंगाबाद (ग्रामीण) : जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज के शिष्य स्वामी संजय महाराज का प्रवचन सूर्य मंदिर में रोके जाने के बाद सूर्य मंदिर न्यास समिति के प्रति देव के सामाजिक कार्यकर्ताओं में अभी भी आक्रोश है और आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है.
हालांकि अनुमंडल पदाधिकारी ने छठ महापर्व के बाद इस मामले को गंभीरता से देखने का आश्वासन दिया है. शुक्रवार को होटल सरस्वती इन में सामाजिक कार्यकर्ता आलोक कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता कर मामले से अवगत कराया. आलोक ने कहा कि देव में विगत 13 मार्च से सूर्य मंदिर न्यास समिति के विरुद्ध आंदोलन चल रहा है. संजय जी महाराज का प्रवचन सूर्य मंदिर प्रांगण में तय था. अचानक समिति द्वारा कार्यक्रम पर रोक लगा दिया गया. समिति के सचिव ने सांप्रदायिक भावना भड़कने का आधार बनाया और कार्यक्रम को नहीं होने दिया. इससे लोगों में आक्रोश है.
यही कारण हुआ कि पुतला दहन से लेकर सड़क जाम किया गया. आलोक ने यह भी कहा कि साधु-संतो का अपमान सामाजिक कार्यकर्ता नहीं सहेंगे. सूर्य मंदिर न्यास समिति तीन साल के लिए बनायी गयी थी, लेकिन समिति के सचिव कृष्णा चौधरी पिछले आठ वर्षो से बने हुए हैं जो नियम के विरुद्ध है. एसडीओ ने आश्वासन दिया है कि 27 मार्च को समिति को भंग कर दिया जायेगा. 28 मार्च तक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें समय दिया है.
तय समयानुसार सूर्य मंदिर न्यास समिति को भंग नहीं किया गया, तो आंदोलन किया जायेगा, जिसमे आमरण अनशन भी शामिल होगा. इसमें विश्व हिंदू परिषद का भी समर्थन है. आलोक ने बताया है कि उनके आंदोलन में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक संगठन, दिल्ली के गोपाल कृष्ण, कोलकाता के यूथ फोर्स संगठन के पंकज कुमार ने भी समर्थन की बात कही है. इस मौके पर डॉ अरविंद कुमार पांडेय, रामप्रवेश यादव, सुभाष कुमार, संतोष कुमार सिन्हा, धनंजय कुमार, रविकांत आदि उपस्थित थे.
