शिक्षक गप में बच्चे घर में

हाल उपहारा मध्य विद्यालय का देवकुंड ( औरंगाबाद)शिक्षा के क्षेत्र में करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाया जा रहा है. लेकिन निजी विद्यालय के अपेक्षा सरकारी विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देखने को नहीं मिल रही है. अभिभावकों की शिकायत के बाद भी विद्यालय प्रत्येक दिन 12 बजे ही बंद कर दिया जा रहा है. वह […]

हाल उपहारा मध्य विद्यालय का देवकुंड ( औरंगाबाद)शिक्षा के क्षेत्र में करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाया जा रहा है. लेकिन निजी विद्यालय के अपेक्षा सरकारी विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देखने को नहीं मिल रही है. अभिभावकों की शिकायत के बाद भी विद्यालय प्रत्येक दिन 12 बजे ही बंद कर दिया जा रहा है. वह विद्यालय है गोह प्रखंड के मध्य विद्यालय उपहारा. सोमवार को 1 :30 बजे स्कूल में बच्चे नहीं थे. बाहर से देखने से साफ साबित हो रहा था कि विद्यालय बंद है. आगे बढ़ने पर एक शिक्षक घूमते नजर आये. साथ ही, विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका की टोली विद्यालय के छत पर बैठी है. आपस में गपशप कर रही थी. पूछने पर एक शिक्षिका ने बताया कि बच्चे आये थे, लेकिन चले गये. इससे स्पष्ट हो गया कि अभिभावकों की शिकायत जायज है. इस विद्यालय में लगभग 886 छात्र-छात्राएं हैं,जिनको शिक्षा देने के लिए 11 शिक्षक नियुक्त हैं. विद्यालय के बाहर छात्र-छात्राओं के अभिभावक कारू साव, अरुण पासवान, महावीर साव, सिपाही पासवान,विनय पासवान ने बताया कि यहां प्रति दिन बच्चों को 12 बजे ही छुट्टी दे दी जाती है. इस संबंध में प्रभारी प्रधानाध्यापक रामेश्वर चौधरी से मोबाइल फोन पर बात हुई. उन्होंने बताया कि मेरा भाई का स्वर्गवास हो गया है. आज श्राद्ध है. इस लिए छुट्टी में हैं. स्कूल में बच्चे नहीं हैं तो यह तो शिक्षकों की लापरवाही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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