न्याय की गुहार लगाने गये भाइयों को भेजा जेल! सांसद के पास माता-पिता ने सुनायी आपबीती औरंगाबाद (ग्रामीण) संतान पर किसी तरह की कष्ट आये तो मां-बाप का कलेजा कांप जाता है. एक मां व बाप के सामने उसके संतान को कोई छेड़छाड़ करे या उसके साथ जबर्दस्ती करे तो यह बरदाश्त योग्य नहीं है. लेकिन उस मां-बाप को न्याय नहीं मिले और फिर उसे जेल की यातना दी जाये तो इस पर सवाल उठना लाजिमी है. शनिवार की सुबह जम्होर की रहने वाली पूनम देवी अपने पति के साथ सांसद के आवास पर पहुंची. सांसद उसके पास पहुंचे तो महिला बिलखते हुए न्याय की गुहार लगाने लगी. महिला ने बताया कि उसके आंख के सामने उसकी बच्ची के साथ गुरुवार की रात गांव का ही एक युवक विजय कुमार छेड़छाड़ करने लगा. जब परिवार के लोग वहां पहुंचे तो वह भागने के क्रम में चोटिल हो बैठा. जब इस मामले की शिकायत मेरे पति अपने दो बच्चों कुंदन कुमार व दीपक कुमार के साथ करने जम्होर थाना पहुंचे तो पुलिस ने तीनों को हाजत में बंद कर दिया. किसी तरह पति को सुबह मंे छोड़ दिया गया. लेकिन दोनों बच्चों को पुलिस ने जेल भेज दिया. और प्राथमिकी भी दर्ज नहीं की गयी. यही नहीं आरोपित युवक की पत्नी के बयान पर पुलिस ने हमारे बच्चों पर ही पहले प्राथमिकी दर्ज कर ली. पुलिस ने मानवता की सीमा को लांघ दी. सांसद ने दंपति को आश्वासन दिया है कि उनके साथ न्याय होगा. सांसद ने इस मामले की सूचना पुलिस के वरीय पदाधिकारी को दूरभाष पर दी. इधर जम्होर थानाध्यक्ष दीनबंधु झा ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. दोनों पक्षों द्वारा अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. मामले में जो भी दोषी होंगे उनके ऊपर ही कार्रवाई होगी.
(फोटो नंबर-11) परिचय-सांसद के सक्षम गुहार लगाती पूनम देवी
न्याय की गुहार लगाने गये भाइयों को भेजा जेल! सांसद के पास माता-पिता ने सुनायी आपबीती औरंगाबाद (ग्रामीण) संतान पर किसी तरह की कष्ट आये तो मां-बाप का कलेजा कांप जाता है. एक मां व बाप के सामने उसके संतान को कोई छेड़छाड़ करे या उसके साथ जबर्दस्ती करे तो यह बरदाश्त योग्य नहीं है. […]
