221 कर्मियों ने यात्रा भत्ता लेकर नहीं की चुनाव ड्यूटी, तीन दिनों में लौटने का निर्देश

विधानसभा चुनाव में अलग-अलग स्थलों पर किया गया था प्रतिनियुक्त, चिह्नित स्थल से गायब रहने पर कार्रवाई

विधानसभा चुनाव में अलग-अलग स्थलों पर किया गया था प्रतिनियुक्त, चिह्नित स्थल से गायब रहने पर कार्रवाई

औरंगाबाद शहर. विधानसभा चुनाव में मतदान अधिकारी व माइक्रो ऑब्जर्वर के रूप में लगाये गये सैकड़ों कर्मियों ने यात्रा भत्ता ले लिया, मगर चुनाव ड्यूटी नहीं की. वे चिह्नित योगदान स्थलों से अनुपस्थित पाये गये थे. चुनाव ड्यूटी के दौरान विभिन्न स्थलों से अनुपस्थित पाये गये 221 कर्मियों पर अब कार्रवाई की गयी है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम श्रीकांत शास्त्री द्वारा इन सभी कर्मियों को पूर्व में भुगतान किये गये यात्रा भत्ता (टीए) को अविलंब वापस करने का निर्देश दिया गया है. इन कर्मियों को मतदान अधिकारी व माइक्रो ऑब्जर्वर के रूप में नौ और 10 नवंबर को विभिन्न स्थलों पर चुनाव कार्यों में तैनाती के लिए नामित किया गया था और योगदान करने का निर्देश दिया गया था. इसके लिए इन्हें अग्रिम रूप से यात्रा भत्ता प्रदान किया गया था. लेकिन, निर्धारित तिथि पर चिह्नित स्थल पर उक्त कर्मियों ने योगदान नहीं दिया और अनुपस्थित पाये गये. हालांकि, चुनाव पूर्व प्रशिक्षण के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने यह कहा था कि निर्वाचन कार्य में सभी कर्मी को दायित्व निभाना अनिवार्य है और यह संवैधानिक जिम्मेदारी का हिस्सा है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कहा है कि चिह्नित स्थल से अनुपस्थित रहते हुए यात्रा भत्ता प्राप्त करना पूरी तरह अनुचित है और कर्मियों को इसका कोई औचित्य नहीं है. जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि अनुपस्थित कर्मियों के स्थान पर अन्य सुरक्षित कर्मियों की तैनाती करनी पड़ी. ऐसे में अनुपस्थित पाये गये कर्मी यात्रा भत्ता के हकदार नहीं हैं. तीन दिनों के भीतर सभी संबंधित कर्मियों को यात्रा भत्ता की प्राप्त राशि कैनरा बैंक की शाखा में संचालित जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम के सरकारी खाते में जमा करने का निर्देश दिया गया है. यह भी कहा गया है कि राशि जमा करने के उपरांत सभी कर्मियों को इसकी जमा रसीद जिला निर्वाचन शाखा में अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी. वैसे यह भी कहा जा रहा है कि निर्धारित समय सीमा में राशि नहीं लौटाने की स्थिति में विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी.

विभिन्न विभागों के कर्मियों की लापरवाही उजागर

पत्र के अनुसार अनुपस्थित कर्मियों की इस सूची में विभिन्न विभागों शिक्षा, स्वास्थ्य, आपूर्ति, पंचायत, कार्यालय सहायक, बैंक कर्मी और कई अन्य शाखाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं. जैसे ही यह आदेश जारी हुआ, जिलेभर के सरकारी कार्यालयों में हड़कंप मच गया और संबंधित कर्मियों ने आदेश की प्रति प्राप्त कर राशि लौटाने की प्रक्रिया में जुट गये. कई कर्मियों का कहना है कि वे किसी कारणवश निर्वाचन कार्य में योगदान नहीं दे सके, जबकि प्रशासन का मानना है कि चुनावी कार्य अत्यंत संवेदनशील होता है और बिना अनुमति अनुपस्थित रहना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है. चुनाव जैसे राष्ट्रीय दायित्व में लापरवाही पर प्रशासन ने सख्ती दिखायी है कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

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