जिला संरक्षण कमेटी की पहली बैठक में बनी रणनीति ‘होटल-ढाबों से बच्चों को करायें मुक्त’औरंगाबाद (नगर)समाहरणालय के सभागार में जिला बाल संरक्षण कमेटी की एक बैठक जिला पर्षद अध्यक्ष रंजू देवी की अध्यक्षता में आयोजित की गयी. इसमें जिलाधिकारी नवीन चंद्र झा भी शामिल हुए. बैठक के दौरान जिला पर्षद अध्यक्ष ने कहा कि कमेटी गठन के बाद यह पहली बैठक है. इस दौरान सहायक निदेशक संतोष कुमार चौधरी ने बताया कि जिले में आइसीपीएस के तहत प्रत्येक जिले में जिला बाल संरक्षण इकाई की स्थापना की गयी है. इसका मूल कार्य बच्चों की देखरेख, संरक्षण व विधि विवादित बच्चे जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम है, उनके अधिकारों का संरक्षण करना है. विभिन्न सरकारी विभागों व गैर सरकारी संस्थाओं के बीच आपसी समन्वय बना कर बच्चों का संपूर्ण संरक्षण व पुनर्वास करना मुख्य उद्देश्य है. बैठक के दौरान 11 बिंदुओं पर एजेंडा तय किया गया. इसमें बाल श्रमिक, असहाय अनाथ बच्चे, रेड लाइट एरिया में रहने वाले बच्चे, विकलांग बच्चे, मानव व्यापार, बच्चों के लिए सरकारी योजनाएं सहित अन्य एजेंडा है, जिसपर काम करने का निर्णय लिया गया. बैठक के दौरान डीएम ने श्रम अधीक्षक को बाल श्रमिकों को होटल-ढाबे से मुक्त करने व उन्हें उचित पुनर्वास की व्यवस्था करने का निर्देश दिया. जिलाधिकारी ने कहा कि बाल संरक्षण इकाई की सक्रियता से विधि विवादित बच्चों के लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आयी है. इसी तरह मिलजुल कर काम करें, ताकि बच्चों को संरक्षण व पुनर्वास की व्यवस्था हो सके. बैठक में सिविल सर्जन डॉ परशुराम भारती, श्रम अधीक्षक अमरेंद्र नारायण, एसडीपीओ अजय नारायण यादव, गुलाबी देवी सहित अन्य लोग उपस्थित थे.
(फोटो नंबर-22)कैप्शन- बैठक करते पदाधिकारी
जिला संरक्षण कमेटी की पहली बैठक में बनी रणनीति ‘होटल-ढाबों से बच्चों को करायें मुक्त’औरंगाबाद (नगर)समाहरणालय के सभागार में जिला बाल संरक्षण कमेटी की एक बैठक जिला पर्षद अध्यक्ष रंजू देवी की अध्यक्षता में आयोजित की गयी. इसमें जिलाधिकारी नवीन चंद्र झा भी शामिल हुए. बैठक के दौरान जिला पर्षद अध्यक्ष ने कहा कि कमेटी […]
