मदनपुर (औरंगाबाद)गुरुवार को दिन के 12 बज कर 15 मिनट पर राजकीय प्राथमिक विद्यालय शिवनाथ बिगहा का जायजा लेने पहुंचे. शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे थे. रसोई घर में तीन महिलाएं मध्याह्न भोजन बनाने में लगी थीं. चावल बन चुका था. एक महिला चने की घुघनी बना रही थी व दो अन्य उबले आलू को छील रही थीं. पूछने पर उन्होंने बताया कि शुक्रवार को मेनू के अनुसार बच्चों को चावल व छोला देना है. उबले आलू को चने के साथ मिला कर छोला बनायेंगे. इतने में साढ़े 12 बजे टिफिन की घंटी बजी. सारे बच्चे पंक्ति में बैठ कर भोजन के इंतजार में शोर-गुल कर रहे थे. तभी रसोइया ने उनकी थालियों में चावल व छोला परोसना शुरू किया. स्कूल के क्लास पर जब निगाह डाली तो एक कमरे में दो वर्ग के बच्चे पढ़ रहे थे. पठन-पाठन की व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही थी. लेकिन, बच्चों की उपस्थिति काफी कम थी. क्या कहते हैं प्राचार्यधनकटनी का समय है. इसलिए बच्चों की उपस्थिति कम है. आगे चल कर सुधार हो जायेगा.प्राचार्य विष्णु सावक्या कहते हैं मुखिया प्राथमिक स्कूल में अव्यवस्था है. लेकिन, कोई पदाधिकारी सुनता नहीं है.विनोद मिश्रा क्या कहते हैं बीइओ दो जगह का प्रभार होने के कारण विद्यालयों की जांच नहीं कर पा रहे हैं.अभय कुमार मिश्रा 1. बच्चे नामांकित -1552. मौजूद -643. शिक्षक पदस्थापित -6स्थायी -2नियोजित -44. शिक्षक उपस्थित-55. क्लास रूम -46. ठीक. 7. नहीं. 8. हां. 9. है. 10. ठीक.11. है. 12. है. 13. है. 14. साफ. 15. हां. 16. 50
मदनपुर प्रखंड / संपादित
मदनपुर (औरंगाबाद)गुरुवार को दिन के 12 बज कर 15 मिनट पर राजकीय प्राथमिक विद्यालय शिवनाथ बिगहा का जायजा लेने पहुंचे. शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे थे. रसोई घर में तीन महिलाएं मध्याह्न भोजन बनाने में लगी थीं. चावल बन चुका था. एक महिला चने की घुघनी बना रही थी व दो अन्य उबले आलू को […]
