नि:शक्त स्वयं को नहीं माने विकलांग

नि:शक्तों के अधिकार व रोजगार की जानकारी देने के लिए किया गया सेमिनार का आयोजन (फोटो नंबर-10)कैप्शन- कार्यशाला में शामिल पदाधिकारीऔरंगाबाद (नगर): जिला नियोजनालय कार्यालय में शुक्रवार को नि:शक्तों के अधिकार, रोजगार की जानकारी देने के लिए एक सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन श्रम अधीक्षक अमरेंद्र नारायण ने दीप जला कर किया. इस […]

नि:शक्तों के अधिकार व रोजगार की जानकारी देने के लिए किया गया सेमिनार का आयोजन (फोटो नंबर-10)कैप्शन- कार्यशाला में शामिल पदाधिकारीऔरंगाबाद (नगर): जिला नियोजनालय कार्यालय में शुक्रवार को नि:शक्तों के अधिकार, रोजगार की जानकारी देने के लिए एक सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन श्रम अधीक्षक अमरेंद्र नारायण ने दीप जला कर किया. इस दौरान नियोजनालय के माध्यम से नि:शक्तों के लिए सरकार द्वारा जो योजनाएं चलायी जा रही है. उसका लाभ जरूरतमंदों को दिया जा रहा है. पंजीकृत श्रमिकों को श्रम कार्यालय द्वारा कार्य के दौरान दुर्घटना होने पर विकलांगता की स्थिति में सहायता के रूप में 37 हजार पांच सौ रुपये दी जाती है. जिला नियोजन पदाधिकारी रामप्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि विकलांगता की समस्याओं से संघर्ष और उनके निजात की पहल दो स्तरों पर यानी की व्यक्तिगत और संस्थागत किया जाना चाहिए. व्यक्तिगत स्तर पर विकलांगों को स्वयं विकलांग नहीं मानना चाहिए और जो योजनाएं चलायी जा रही है. उसका लाभ लेना चाहिए. विकलांगों को स्वरोजगार के लिए सरकार 40 फीसदी अनुदान पर ऋण मुहैया कराती है. सेमिनार में डालमियानगर के अधिकारी आशीष अवस्थी, जिला उद्योग प्रबंधक खुर्शीद अहमद, निशांत कुमार सिन्हा, अजय कुमार चौधरी, धर्मदेव नारायण, रामानुज सिंह, रामाकांत पासवान, गुप्ता पासवान व फरीदा महजबी प्रमुख रूप से उपस्थित थे.

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