एपीएचसी माली मरीजों को मरहम लगाने में तत्पर औरंगाबाद (ग्रामीण)औरंगाबाद जिले में स्वास्थ्य विभाग पर उंगलियां हमेशा उठते रही है. चाहे कारण कुछ भी हो. बड़े अस्पतालों में मरीजों द्वारा हंगामा किया जाना आम बात हो गयी है. चिकित्सक ों की लापरवाही भी कई बार सामने आयी है. ऐसी में औरंगाबाद के नवीनगर प्रखंड के माली गांव में चल रहे अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) अपनी कामयाबियों के बल पर कुव्यवस्था को झूठलाता साबित हो रहा है. फरवरी 2014 में केंद्र की स्थापना हुई थी. स्वास्थ्य विभाग का मानना था कि इस छोटे अस्पताल से दर्जनों गांव के लोगों को इलाज में सहूलियत मिलेगी. महिलाओं को प्रसव कराने के लिए दूर का सफर तय नहीं करना पड़ेगा. हुआ भी यही. दो दर्जन से ऊपर गांव के मरीज अपना इलाज कराने यहां पहुंच रहे हैं. प्रसव की बात की जाये तो दस माह में 109 महिलाओं का कराया गया है और इसकी शुरुआत माली के सुनिता देवी से प्रारंभ हुई. यहां आयुष चिकित्सक प्रदीप कुमार गुप्ता को प्रभारी बनाया गया है. चिकित्सक के सहयोग के लिए स्वास्थ्य सेवक मधुसूदन मिश्र, अनुग्रह भगत के साथ चार एएनएम भी हैं. ग्रामीण भी व्यवस्था से काफी खुश हैं. चिकित्सक प्रदीप कुमार बताते हैं कि यहां पर परिवार नियोजन, प्रसव पूर्व जांच, प्रसव के बाद जांच, कॉपर टी की सुविधा भी है.
(फोटो नंबर-37,38) परिचय- माली का अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, चिकित्सक प्रदीप कुमार
एपीएचसी माली मरीजों को मरहम लगाने में तत्पर औरंगाबाद (ग्रामीण)औरंगाबाद जिले में स्वास्थ्य विभाग पर उंगलियां हमेशा उठते रही है. चाहे कारण कुछ भी हो. बड़े अस्पतालों में मरीजों द्वारा हंगामा किया जाना आम बात हो गयी है. चिकित्सक ों की लापरवाही भी कई बार सामने आयी है. ऐसी में औरंगाबाद के नवीनगर प्रखंड के […]
