औरंगाबाद नगर : मंगलवार को व्यवहार न्यायालय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलराम दुबे ने दहेज हत्या मामले की सुनवाई करते हुए मृतका के पति व सास को सात वर्ष की सजा सुनाई है. वहीं पांच हजार जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना की राशि नहीं देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान किया है.
जानकारी देते हुए अधिवक्ता सतीश स्नेही ने बताया कि वर्ष 2012 में हसपुरा थाना क्षेत्र के सोहर बिगहा गांव में दहेज के लिए ससुराल वालों ने विवाहिता संजू देवी की हत्या कर दी थी. वहीं शव को साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य गायब कर दिया था. इस घटना से संबंधित प्राथमिकी 29 अक्तूबर 2012 को लालदेव सिंह निवासी अहियापुर के बयान पर हसपुरा थाना कांड संख्या 74 / 12 दर्ज किया गया था.
दर्ज प्राथमिकी में उल्लेख किया था कि बेटी संजू देवी की हत्या पति हरिओम सिंह, सास चिंता देवी, ससुर राजेंद्र सिंह ने मिलकर कर दी और शव को गायब कर दिया. पुलिस ने पति हरिओम सिंह, सास चिंता देवी को जेल भेजा था. वहीं इन दोनों के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट दायर की थी. जबकि राजेंद्र सिंह के ऊपर अभी तक कोई आरोप पत्र नहीं जमा किया था, जिसके कारण पति व सास को सजा सुनायी गयी. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता योगेंद्र प्रसाद योगी एवं अभियोजन पक्ष की ओर से एपपी पुष्कर अग्रवाल, अनिल कुमार सिंह ने बहस की.
