खुलासा. ओबरा में हथियार के साथ पकड़ाये अपराधियों ने पुलिस की पूछताछ में कहा
चपरी के जितेंद्र सिंह उर्फ टाइगर का शिवकुमार सिंह के साथ चल रहा था विवाद
औरंगाबाद नगर : ओबरा में 20 मई को गोड़तारा निवासी अनीश कुमार उर्फ मुन्ना की हत्या अपराधियों ने गोली मारकर कर दी थी. इस घटना से संबंधित प्राथमिकी मृतक के पिता के बयान पर ओबरा थाना में दर्ज की गयी थी, जिसमें चार लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया था.
पुलिस ने पहले ही तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
वहीं, एक अन्य नामजद आरोपित गौतम कुमार को गिरफ्तार करने के लिए निर्देश जारी कर कांड के उद्भेदन करने में जुटी हुई थी. इसी बीच पुलिस को सूचना मिली की अनिश की हत्या बड़े अपराधियों द्वारा किया गया है. जब पुलिस ने बारीकी से जांच किया, तो पता चला कि अनीश की हत्या अपराधियों ने गलतफहमी में कर दी है, जबकि हत्या किसी अन्य व्यक्ति की करनी थी.
सोमवार को ओबरा थाना क्षेत्र के देवकली निवासी मुकेश सिंह व तेजपुरा निवासी शिवकुमार यादव को गिरफ्तार किया. दोनों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि चपरी गांव निवासी जितेंद्र सिंह उर्फ टाइगर का विवाद चपरी के शिवकुमार सिंह के साथ चल रहा था. उसी विवाद के कारण सभी उनके पुत्र की हत्या करने के लिए इकट्ठा हुए थे, लेकिन जब वहां पहुंचे तो अनीश को देख कर ऐसा लगा कि शिवकुमार सिंह का ही बेटा विशाल है, उसी गलतफहमी में उसकी हत्या कर दी.
दोबारा शिव कुमार सिंह के पुत्र की हत्या करने के लिए योजना बना रहे थे और इसी नीयत से हथियार को छिपा कर तेजपुरा निवासी शिवकुमार यादव के घर रखा था, लेकिन पुलिस ने घटना का अंजाम देने से पहले ही पकड़ लिया.
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पूर्व में जो भी लोग नक्सली संगठन में शामिल थे और फिलहाल पार्टी छोड़ दिया वैसे नक्सलियों की हर गतिविधि की जांच की जायेगी, ताकि पार्टी से कौन हथियार लेकर भागा है और अभी क्या कर रहा. जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.पुलिस काफी बारीकी से पूरे मामले की जांच कर रही है. फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है.
मुकेश सिंह व जितेंद्र सिंह उर्फ टाइगर हैं रिश्तेदार
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मुकेश सिंह व कुख्यात अपराधी सह नक्सली जितेंद्र सिंह उर्फ टाइगर दोनों रिश्तेदार हैं. अक्सर एक दूसरे के घर आना-जाना होते रहता है. शिवकुमार यादव मुकेश सिंह का अच्छा मित्र है, जबकि इस घटना काे अंजाम देनेवाला एक अन्य अपराधी अजय सिंह है जो टाइगर की गैंग में रहता है. हालांकि वह अभी फरार है. उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है.
कहां से आयी एके -47 जांच में जुटी है पुलिस
पुलिस अधीक्षक डॉ सत्यप्रकाश ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि पहली बार जिले में अपराधियों के पास एके-47 बरामद हुई है. यह एके-47 हथियार कहां से इन अपराधियों तक पहुंचा पुलिस इसकी जांच कर रही है. वहीं एसएफएल के पास जांच के लिए भेजा जा रहा है. जल्द ही पता चल जायेगा कि हथियार इन लोगों के हाथों तक कैसे पहुंचा. पुलिस काफी बारीकी से पूरे मामले की जांच कर रही है.
