मध्याह्न् भोजन योजना में हो रही लूट

औरंगाबाद (ग्रामीण) : केंद्र व राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, ताकि सरकारी विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके. मध्याह्न् भोजन, पोशाक, छात्रवृत्ति, साइकिल समेत मुफ्त में किताबें भी बांटी जा रही हैं. यह सारी कवायद सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने की […]

औरंगाबाद (ग्रामीण) : केंद्र व राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, ताकि सरकारी विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके. मध्याह्न् भोजन, पोशाक, छात्रवृत्ति, साइकिल समेत मुफ्त में किताबें भी बांटी जा रही हैं. यह सारी कवायद सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने की है.

लेकिन, सरकार की इस कवायद में विद्यालयों के प्रभारी व शिक्षक पलीता लगा रहे हैं. सरकारी नियमों को ताक पर रख कर मनमाने ढंग से विद्यालय का संचालन कर रहे हैं. छात्रवृत्ति,पोशाक, साइकिल व किताब वितरण में धांधली ही रही है. साथ ही, मध्याह्न् भोजन योजना में भी गड़बड़ी की जा रही है. एमडीएम में लूट मची हुई है. एक ऐसा ही मामला रफीगंज के भदवा स्थित प्राथमिक विद्यालय टिकरी बिगहा में आया है.

उक्त विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात बेमानी साबित हो रही है. शुक्रवार को प्रभात खबर के प्रतिनिधियों की टीम जब विद्यालय पहुंची, तो वहां की व्यवस्था देख कर दंग रह गयी. विद्यालय में कुल 30 बच्चे उपस्थित थे, जिन्हें मध्याह्न् भोजन परोसा जा रहा था. चावल व छोला की गुणवत्ता निम्नस्तर की थी. बच्चों को मात्र से कम भोजन दिया जा रहा था. विद्यालय की दैनिक उपस्थिति पंजी में 58 बच्चों की हाजिरी बनायी गयी थी, जबकि मध्याह्न् भोजन के दौरान सिर्फ 30 बच्चे ही उपस्थित थे. इस विद्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापक सहित दो शिक्षक पदस्थापित हैं. इनमें एक शिक्षक नदारद थे. बच्चों ने बताया कि पढ़ाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है. शिक्षकों के आने-जाने का समय निर्धारित नहीं है. मनमर्जी से विद्यालय का संचालन होता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >