अरवल के 30 मत्स्य किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण, इन राज्य का करेंगे भ्रमण, जल्द करें पंजीकरण

बिहार सरकार की भ्रमण दर्शन योजना के तहत अरवल के 30 मछली पालक किसानों को कोलकाता भेजा जाएगा। जानें आवेदन प्रक्रिया और इस योजना का लाभ कैसे उठाएं।

Excursion and Sightseeing Scheme : अरवल जिले के 30 मत्स्य किसानों को दूसरे राज्य का भ्रमण कराया जाएगा. इसके तहत किसानों को मछली पालन की आधुनिक और नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे इन तकनीकों को अपने तालाबों और जलस्रोतों में अपनाकर उत्पादन और आमदनी बढ़ा सकें. इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

कोलकाता भेजे जाएंगे किसान,

पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की ओर से ‘भ्रमण दर्शन कार्यक्रम योजना’ शुरू की गई है. योजना के प्रथम चरण में जिले के 30 मत्स्य किसानों को कोलकाता का भ्रमण कराया जाएगा. इस दौरान किसानों को विभिन्न मत्स्य प्रक्षेत्रों में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों और बेहतर उत्पादन की पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी. योजना में शामिल होने के इच्छुक किसानों को संबंधित जिला मत्स्य कार्यालय में 100 रुपये निबंधन शुल्क जमा करना होगा.

मछली पालन को रोजगार से जोड़ने पर जोर

कृषि प्रधान अरवल जिले में पिछले कुछ वर्षों में मछली पालन रोजगार के एक बेहतर माध्यम के रूप में उभरा है. बड़ी संख्या में किसान मछली पालन से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहे हैं. सरकार की ओर से भी इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी समेत कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. विभाग का उद्देश्य जिले में मछली उत्पादन बढ़ाने के साथ मत्स्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है.

इन किसानों को मिलेगा लाभ

योजना का लाभ निजी, पट्टे पर या सरकारी तालाब और जलकर में मछली पालन करने वाले किसानों को मिलेगा. इसके अलावा विभागीय योजनाओं के तहत आवेदन करने वाले किसान, प्रखंड स्तरीय मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सक्रिय सदस्य और विभागीय योजनाओं के तहत प्रशिक्षण लेकर सफलतापूर्वक मछली पालन करने वाले प्रगतिशील किसान भी इसके लिए पात्र होंगे. मछली पालन शुरू करने के इच्छुक ऐसे किसान, जिनके पास इसके लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं, वे भी योजना का लाभ ले सकेंगे.

आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए किया जाएगा प्रेरित

जिला मत्स्य पदाधिकारी आशुतोष आनंद ने बताया कि राज्य सरकार मत्स्य पालन को विकसित करने और मत्स्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कई योजनाएं चला रही है. मत्स्य निदेशालय की ओर से इन योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है. भ्रमण दर्शन कार्यक्रम के माध्यम से जिले के 30 मत्स्य किसानों को आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया जाएगा, ताकि वे वहां से मिली जानकारी को अपने जलस्रोतों में लागू कर मछली उत्पादन और आय में वृद्धि कर सकें.

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By निशिकांत सिंह

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