Arwal News: (निशिकांत की रिपोर्ट) भारत निर्वाचन आयोग के कड़े दिशा-निर्देशों के आलोक में अरवल जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. इसी कड़ी में जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा संयुक्त रूप से ईवीएम व वीवीपैट वेयरहाउस का अनिवार्य त्रैमासिक निरीक्षण किया गया. पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस विशेष निरीक्षण के दौरान जिला स्तरीय विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
सीसीटीवी से लेकर अग्निशमन उपकरणों तक की हुई गहन जांच
संयुक्त निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा ईवीएम वेयरहाउस की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया गया. अधिकारियों ने परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड, अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता, आपातकालीन प्रवेश व निकास द्वार की व्यवस्था तथा वेयरहाउस की सीलिंग व समुचित रख-रखाव की स्थिति का गहन अवलोकन किया. डीएम ने मौके पर तैनात सुरक्षा बलों की लॉग बुक और टर्न-ड्यूटी चार्ट को भी देखा और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की सुरक्षा एवं संरक्षा से संबंधित सभी अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया.
पारदर्शिता और विश्वसनीयता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: डीएम
निरीक्षण के क्रम में डीएम अमृषा बैंस ने संबंधित चुनाव शाखा के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता, पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए ईवीएम वेयरहाउस की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. आयोग के नियमानुसार हर तीन महीने पर यह त्रैमासिक निरीक्षण अनिवार्य है, ताकि मशीनों के रख-रखाव में किसी भी स्तर पर कोई तकनीकी या व्यावहारिक चूक न हो सके. उन्होंने सुरक्षा घेरे को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए समय-समय पर आकस्मिक चेकिंग और नियमित डिजिटल निगरानी करने का आदेश दिया.
मौके पर मौजूद रहे कई थानों के अधिकारी व वीआईपी
इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सुरक्षा निरीक्षण के अवसर पर उप विकास आयुक्त, उप निर्वाचन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, नाजारत उप समाहर्ता सहित चुनाव कार्यालय के सभी संबंधित नोडल पदाधिकारी मौजूद थे. इसके साथ ही क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में वेयरहाउस की सुरक्षा स्थिति पर संतोष व्यक्त किया गया.
Also Read: जहानाबाद में डीईओ कार्यालय के समक्ष डटे शिक्षक, ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ आंदोलन से प्रशासन में खलबली
