Arwal News (निशिकांत की रिपोर्ट): अरवल में श्रम विभाग के धावा दल ने दो अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया है. धावा दल द्वारा अरवल थाना क्षेत्र के पिपरा बंगला में स्थित होटल सम्राट और फतेहपुर संडा में स्थित दिगंबर फास्ट फूड एंड लाइन होटल में सघन छापेमारी कर बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया. इस कार्रवाई के तहत पिपरा बंगला स्थित सम्राट होटल के संचालक सुधीर कुमार, ग्राम-हसनपुर वैदरावाद, अरवल के विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के अन्तर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
पटना के बाल श्रमिक को छुड़ाया
वहीं दिगम्बर फास्ट फुड एण्ड लाइन होटल एण्ड ढाबा के संचालक स्वामी चंद्रवेश, ग्राम-फतेहपुर संडा, अरवल के विरूद्ध भी बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के अन्तर्गत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अरवल सदर सपना कुमारी ने बाल श्रम विमुक्त करने हेतु धावा दल का गठन किया था. इस कार्रवाई में एकता कुमारी (श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, करपी), विभा कुमारी (श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, सोनभद्र वंशी सूर्यपुर), प्रवीण कुमार सुमन (श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, कुर्था) एवं अरवल थाना के पुलिस बल शामिल थे. टीम ने दिगम्बर फास्ट फुड एण्ड लाइन होटल एण्ड ढाबा से वहां कार्यरत पटना जिले के एक 13 साल के बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया.
बाल कल्याण समिति को सौंपा
विभाग द्वारा दोनों संचालकों के विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 की धारा 03 का उल्लंघन करने के तहत धारा-14.3 के तहत संज्ञेय अपराध घोषित किया गया है. विमुक्त कराए गए बच्चों को आवश्यक प्रक्रिया के तहत बाल कल्याण समिति अरवल के समक्ष सुपुर्द किया गया है. वहीं होटल संचालक के विरूद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के अन्तर्गत धारा-14 (1) के तहत स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. विभाग ने आगे भी इस तरह के औचक निरीक्षण और कार्रवाई जारी रखने की बात कही है.
