Arwal News: (निशिकांत की रिपोर्ट) समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मिशन शक्ति योजना अंतर्गत संचालित शक्ति सदन ने एक सराहनीय एवं मानवीय कार्य किया है. संस्था ने विगत कई महीनों से आश्रय प्राप्त एक मूक-बधिर महिला को उनके परिजनों से मिलाने में बड़ी सफलता प्राप्त की है. शक्ति सदन में आवासित उक्त महिला बोलने एवं सुनने में पूरी तरह असमर्थ थीं, जिसके कारण उनकी पहचान एवं स्थायी पता लगाना प्रशासन और टीम के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण बना हुआ था.
संकेतों और हाव-भाव के आधार पर तलाश
जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस) सह नोडल पदाधिकारी (महिला एवं बाल विकास निगम) माला कुमारी ने बताया कि शक्ति सदन की अधीक्षिका एवं पूरी टीम द्वारा महिला के हाव-भाव, शारीरिक संकेतों तथा उपलब्ध सीमित जानकारियों के आधार पर लगातार खोजबीन की जा रही थी. इस दौरान टीम ने विभिन्न गांवों, पंचायतों एवं संबंधित थानों से संपर्क स्थापित कर महिला की पहचान सुनिश्चित करने का प्रयास किया. लगातार प्रयासों के बावजूद प्रारंभिक स्तर पर कोई ठोस जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी, किंतु टीम ने हार नहीं मानी और निरंतर प्रयास जारी रखा.
वन स्टॉप सेंटर के वाहन से चिकसी गांव पहुंची टीम
आखिरकार टीम की मेहनत रंग लाई. 1 जून को महिला को वन स्टॉप सेंटर के वाहन से किंजर ले जाया गया. वहां महिला द्वारा दिए गए संकेतों के आधार पर टीम आगे बढ़ी और पटना जिला अंतर्गत सिगोड़ी थाना क्षेत्र के चिकसी गांव तक पहुँचने में सफल रही. चिकसी गांव में स्थानीय स्तर पर पहचान सत्यापन की कानूनी प्रक्रिया पूर्ण की गई, जिसके उपरांत महिला को उनके परिजनों को सकुशल सुपुर्द कर दिया गया.
खोई हुई बहू को वापस पाकर रो पड़े परिजन
कई महीनों बाद अपनी खोई हुई बहू को सही-सलामत वापस पाकर परिजनों की आंखें नम हो गईं. भावुक परिजनों ने जिला प्रशासन अरवल, समाज कल्याण विभाग तथा मिशन शक्ति की पूरी टीम के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर जिला प्रोग्राम पदाधिकारी माला कुमारी ने कहा कि, “मिशन शक्ति केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि संकटग्रस्त एवं जरूरतमंद महिलाओं के लिए आशा और सुरक्षा का मजबूत माध्यम है. हमारी प्राथमिकता प्रत्येक महिला को सम्मान, सुरक्षा एवं संरक्षण प्रदान करना है. इस सफलता के लिए शक्ति सदन की पूरी टीम बधाई की पात्र है.”
