अरवल में सेस्टोबॉल में परचम लहरा रहे जिले के युवा, सुविधाओं के अभाव में गांधी मैदान में बहा रहे पसीना

Arwal News: अरवल के गांधी मैदान में सेस्टोबॉल के खिलाड़ी सीमित संसाधनों के बीच कड़ी मेहनत कर जिले का नाम राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर रोशन कर रहे हैं. मैदान में शौचालय, स्वच्छ पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है. खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने खेल सुविधाओं में सुधार की मांग की है.

Arwal News: निशिकांत कि रिपोर्ट

अरवल जिले के गांधी मैदान में सेस्टोबॉल के खिलाड़ी नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं. यहां प्रशिक्षण लेने वाले करीब 13 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन कर चुके हैं.

प्रशिक्षक सूरज कुमार ने बताया कि वह प्रतिदिन लगभग 60 खिलाड़ियों को अलग-अलग शिफ्ट में प्रशिक्षण देते हैं. उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे खिलाड़ी खुशी कुमारी, काजल कुमारी, अमन कुमार, अयांश कुमार और सौरव कुमार राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं.वहीं ब्यूटी कुमारी, गुंजन कुमार, मिथिलेश कुमार, शुभम कुमार और आयुष कुमार राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में जिले का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.

खिलाड़ियों को नहीं मिल रही मूलभूत सुविधाएं

प्रशिक्षक सूरज कुमार ने बताया कि गांधी मैदान में सबसे बड़ी समस्या शौचालय की है. मैदान में शौचालय नहीं होने के कारण विशेष रूप से महिला खिलाड़ियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को पानी लेने के लिए पास स्थित खेल भवन जाना पड़ता है, जबकि मैदान के चापाकल का पानी पीने योग्य नहीं है. इससे खिलाड़ियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है.

स्ट्रीट लाइट खराब रहने से नहीं हो पाती नाइट प्रैक्टिस

सूरज कुमार ने बताया कि गांधी मैदान में लगी स्ट्रीट लाइट महीने में लगभग 15 दिन बंद रहती है. उन्होंने कहा कि रिचार्ज मीटर से जुड़े होने के कारण समय पर रिचार्ज नहीं हो पाता, जिससे रोशनी की व्यवस्था बाधित रहती है. इसके चलते खिलाड़ियों को रात्रि अभ्यास करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.

राष्ट्रीय पर्वों के बाद भी बढ़ जाती है परेशानी

प्रशिक्षक ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर मैदान में बालू डाल दी जाती है. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए मैदान को फिर से समतल बनाना पड़ता है. इसके लिए कई बार उन्हें अपने स्तर से पैसे खर्च कर मिट्टी डलवानी पड़ती है.

खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने प्रशासन से गांधी मैदान में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा खेल गतिविधियों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.

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Published by: Karunatiwari

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