Arwal News: (निशिकांत की रिपोर्ट) राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के अरवल जिला अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान शनिवार को जमकर हंगामा हुआ. आरोप-प्रत्यारोप और विवाद के बीच कार्यकर्ताओं ने चुनाव पर्यवेक्षक को कुछ समय के लिए बंधक बना लिया. बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया.
जानकारी के अनुसार, अंबेडकर वाचनालय में आयोजित चुनाव प्रक्रिया पर्यवेक्षक वीरा कुशवाहा की देखरेख में संपन्न कराई गई. जिला अध्यक्ष पद के लिए पूर्व जिलाध्यक्ष रविंद्र राम तथा टूटू वर्मा उर्फ अयोध्या सिंह मैदान में थे. मतदान के दौरान पूरे दिन गहमागहमी का माहौल बना रहा.
फर्जी मतदान का लगा आरोप
चुनाव के बीच कुछ कार्यकर्ताओं ने फर्जी मतदान का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. उनका कहना था कि जितने मतदाताओं ने मतदान किया, उससे अधिक मत मतपेटी से निकले हैं. कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जानबूझकर एक खास वर्ग को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई.
वीरा वर्मा विजयी घोषित
विवाद के बीच चुनाव पर्यवेक्षक ने वीरा वर्मा को विजयी घोषित कर दिया. परिणाम घोषित होते ही विरोधी गुट के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और हंगामा शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने पर्यवेक्षक को बाहर निकलने से रोक दिया. स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने पर अरवल थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने हस्तक्षेप कर पर्यवेक्षक को सुरक्षित बाहर निकाला और मामले को शांत कराया.
दोनों पक्ष का अलग-अलग दावा
विजयी घोषित किए गए वीरा वर्मा ने कहा कि चुनाव पूरी तरह संगठनात्मक और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुआ है तथा उन्हें कार्यकर्ताओं का समर्थन मिला है. वहीं, प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार रविंद्र राम ने चुनाव प्रक्रिया को धोखाधड़ी करार देते हुए कहा कि वे इसकी शिकायत पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाएंगे. फिलहाल चुनाव को लेकर संगठन के भीतर विवाद गहराता नजर आ रहा है.
