अरवल से निशिकांत की रिपोर्ट
Arwal News : मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क है. इसी कड़ी में अरवल में पुलिस-प्रशासन द्वारा मॉक ड्रिल का आयोजन कर सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों का जायजा लिया गया.
संवेदनशील स्थलों पर विशेष नजर
प्रशासन ने बताया कि मुहर्रम के दौरान ताजिया जुलूस, झंडा जुलूस और पारंपरिक लाठी-खेल का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं. जुलूस के दौरान वटवृक्ष, पीपल के पेड़, देवी स्थान, ब्रह्म स्थान तथा अन्य संवेदनशील स्थलों से गुजरने वाले मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.
संभावित विवादों पर प्रशासन की नजर
प्रशासन के अनुसार जुलूस को आगे-पीछे ले जाने, ताजिया पहलाम, वर्चस्व की होड़, पटाखा फोड़ने, जबरन चंदा वसूली तथा धार्मिक स्थलों के सामने से जुलूस गुजरने जैसे मुद्दों को लेकर तनाव की आशंका बनी रहती है. इसके अलावा कुछ असामाजिक और शरारती तत्व भी भीड़ का फायदा उठाकर माहौल खराब करने का प्रयास कर सकते हैं.
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग भी तेज
प्रशासन ने कहा कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ, आपत्तिजनक या धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले पोस्ट पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी. लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को देने की अपील की गई है.
अरवल साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल
जिला प्रशासन ने कहा कि अरवल साम्प्रदायिक सौहार्द के मामले में हमेशा मिसाल रहा है. जिले की स्थिति पूरी तरह सामान्य है. मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस बल, दंडाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की जा रही है. मॉक ड्रिल के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का प्रयास किया गया है.
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