Arwal News: सभी लंबित नीलाम पत्र व वसूली प्रक्रिया को सख्त करने पर जोर, लापरवाही बर्दाश्त नहीं

अरवल में अपर समाहर्ता रवि प्रसाद चौहान की अध्यक्षता में नीलाम पत्रवाद की समीक्षा बैठक हुई. लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और वसूली प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए. पुलिस-प्रशासन समन्वय से वारंट मामलों में कार्रवाई सुनिश्चित करने और राजस्व संग्रहण में सुधार पर जोर दिया गया.

Arwal News: (निशिकांत की रिपोर्ट) अरवल में नीलाम पत्रवाद से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा को लेकर समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर समाहर्ता रवि प्रसाद चौहान ने की. इसमें सभी नीलाम पत्र पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और जिले के सभी थानाध्यक्ष मौजूद रहे.

लंबित मामलों पर फोकस

बैठक में नीलाम पत्रवाद से संबंधित मामलों की विभागवार समीक्षा की गई और उनके शीघ्र निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. अपर समाहर्ता ने बताया कि जिले में वर्तमान में 34 नीलाम पत्र पदाधिकारी कार्यरत हैं. उन्होंने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित विभागों एवं बैंकों से रजिस्टर-9 और 10 का मिलान कर नीलाम पत्रवाद की अद्यतन स्थिति सुनिश्चित करें और उसी अनुसार कार्रवाई करें.

वसूली प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश

अपर समाहर्ता ने स्पष्ट कहा कि सभी लंबित मामलों का नियमित अनुश्रवण करते हुए वसूली प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि राजस्व संग्रहण को प्रभावी बनाया जा सके. साथ ही समय-समय पर अद्यतन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया.

पुलिस-प्रशासन समन्वय पर जोर

बैठक में उपस्थित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एवं थानाध्यक्षों को नीलाम पत्र पदाधिकारियों द्वारा निर्गत वारंट (BW) मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. अपर समाहर्ता ने कहा कि प्रशासन और पुलिस विभाग के समन्वय से लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाई जा सकती है. उन्होंने कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी पदाधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभानी होगी.

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लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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