Arwal News (अंजनी कुमार): अरवल जिले के कलेर प्रखंड क्षेत्र के जयपुर गांव में वर्षों से चले आ रहे रास्ता विवाद को लेकर गुरुवार को अरवल के अनुमंडल पदाधिकारी संजीव कुमार एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संजय कुमार ने मौके पर पहुंचकर मामले का गहन निरीक्षण किया. अधिकारियों ने दोनों पक्षों से आमने-सामने बातचीत कर विवाद के स्थाई समाधान का प्रयास किया. इस सकारात्मक प्रशासनिक पहल के बाद मामला पूरी तरह शांत हो गया और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली.
रैयती भूमि को लेकर था विवाद
जानकारी के अनुसार जयपुर गांव स्थित पिंड के समीप एक भूखंड को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. कुछ ग्रामीण उक्त भूमि में मिट्टी भरकर सार्वजनिक रास्ता बनाना चाहते थे, जबकि भूमि स्वामी का साफ तौर पर कहना था कि वह उनकी निजी रैयती जमीन है, इसलिए वहां सार्वजनिक रास्ता नहीं बनाया जा सकता है. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी तनाव की स्थिति बनी हुई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ संजीव कुमार ने खुद स्थल का निरीक्षण किया.
अंचलाधिकारी ने स्पष्ट की स्थिति
इस संबंध में अंचलाधिकारी सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि जांच के दौरान यह पूरी तरह स्पष्ट हुआ कि जिस भूमि पर रास्ता बनाने की बात हो रही थी, वह वास्तव में रैयती जमीन है. ऐसे में वहां सीधे तौर पर सार्वजनिक रास्ता बनाना संभव नहीं है. निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने संबंधित भू-स्वामी को आवेदन देने का निर्देश देते हुए कहा कि उनके खेत में जो मिट्टी भर गई है, उसे पिंड की ओर स्थानांतरित किया जाए. साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि भूमि स्वामी अपनी जमीन की सीमाबंदी स्वयं कर लें.
आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील
सीमाबंदी के बाद पिंड के पास जो भूमि उपलब्ध होगी, उसमें ग्रामीणों की आवश्यकता को देखते हुए कृषि कार्य एवं आवागमन के लिए रास्ता विकसित करने का प्रयास किया जाएगा. एसडीओ के इस व्यावहारिक सुझाव पर दोनों पक्ष पूरी तरह सहमत हो गए, जिसके बाद विवाद शांत हो गया. प्रशासन ने भी ग्रामीणों से आपसी सौहार्द बनाए रखने तथा किसी भी समस्या के समाधान के लिए कानून का सहारा लेने की अपील की. मौके पर एसडीओ संजीव कुमार, डीएसपी संजय कुमार, मेहंदिया थानाध्यक्ष मनोरंजन कुमार सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी एवं ग्रामीण मौजूद थे.
