Arwal News: अरवल समाहरणालय परिसर में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा संचालित मछुआ कल्याण योजना के तहत मछुआरों के बीच उपकरणों का वितरण किया गया. इस दौरान मत्स्य परिवहन योजना के अंतर्गत तीन लाभुकों को थ्री व्हीलर आइस बॉक्स सहित वाहन तथा नाव-जाल योजना के तहत 15 लाभुकों को जाल प्रदान किया गया.
ताजी मछली बाजार तक पहुंचने में होगी सहुलियत
कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस एवं उप मत्स्य निदेशक, मगध परिक्षेत्र विपिन ने संयुक्त रूप से लाभुकों को कीट वितरित किया. जिला पदाधिकारी ने कहा कि मछली उत्पादन ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक होने के कारण ताजी मछलियों को बाजार तक पहुंचाने में होने वाली कठिनाइयों में कमी आएगी और उपभोक्ताओं को भी ताजी मछली उपलब्ध हो सकेगी. उप मत्स्य निदेशक विपिन ने बताया कि जिले में मत्स्य उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न लोककल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं.
एजेंसी के जरिए दिया गया अनुदान राशि
उप मत्स्य निदेशक विपिन ने बताया कि थ्री व्हीलर आइस बॉक्स वाहन की इकाई लागत लगभग 3 लाख रुपये है, जिसमें 50 प्रतिशत यानी 1.5 लाख रुपये अनुदान दिया गया है. वहीं कॉस्ट (फेका) जाल की इकाई लागत 16,700 रुपये है, जिस पर 15,030 रुपये अनुदान प्रदान किया गया है. जिला मत्स्य पदाधिकारी आशुतोष आनंद ने बताया कि चयनित लाभुकों द्वारा उपकरणों की खरीद के लिए एजेंसी का चयन स्वयं किया गया है तथा अनुदान की राशि संबंधित एजेंसी को सीधे भुगतान किए जाने का प्रावधान है. इस अवसर पर उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार, मत्स्य विकास पदाधिकारी आकांक्षा कुमारी, अजय कुमार चौधरी, संतोष कुमार सहित कई अधिकारी, मत्स्य कृषक एवं व्यवसायी उपस्थित रहे.
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