Arwal News: (निशिकांत की रिपोर्ट) बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने परिसदन में श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में उन्होंने विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिले में बाल श्रम उन्मूलन अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए.
होटल, ढाबा और ईंट भट्ठों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
उपाध्यक्ष ने कहा कि बाल श्रम मुक्त बचपन सुनिश्चित करने के लिए होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और ईंट भट्ठों पर लगातार छापेमारी की जाए. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जहां भी बच्चे काम करते पाए जाएं, उन्हें तत्काल मुक्त कराया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं “बार-बालाओं के नृत्य कार्यक्रम” आयोजित होते हैं, तो वहां त्वरित छापेमारी कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए.
समन्वय के साथ चलें छापेमारी अभियान
अरविंद कुमार सिंह ने श्रम विभाग को निर्देश दिया कि छापेमारी के दौरान पुलिस थाना से पूरा सहयोग लिया जाए और समन्वय स्थापित कर अभियान चलाया जाए. उन्होंने कहा कि यदि कार्य में किसी प्रकार की समस्या आती है तो उसकी रिपोर्ट तैयार कर आयोग को भेजी जाए, ताकि सरकार स्तर पर समाधान कराया जा सके.
अब तक 8 बाल श्रमिक मुक्त
बैठक में श्रम अधीक्षक ने जानकारी दी कि जिले में अब तक आठ बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया है. कई होटल संचालकों पर केस दर्ज किया गया है तथा उन्हें 20-20 हजार रुपये जुर्माना जमा करने का नोटिस जारी किया गया है. इनमें से चार संचालकों ने राशि जमा कर दी है, जबकि दो ने अब तक भुगतान नहीं किया है.
बाल श्रम उन्मूलन अभियान में तेजी के निर्देश
अधिकारियों ने बताया कि श्रम संसाधन विभाग का लक्ष्य बाल श्रम मुक्त अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाना है. साथ ही बालू खनन स्थलों पर भी निगरानी बढ़ाने और बच्चों से काम कराने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. बैठक में श्रम अधीक्षक मृत्युंजय झा सहित सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी उपस्थित थे.
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