Arrah News : आरा के वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में शनिवार को स्नातकोत्तर शिक्षक संघ ने कुलपति डॉ. शैलेंद्र कुमार चतुर्वेदी से मुलाकात की. संघ ने उन्हें शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों की समस्याओं से जुड़ा एक 7 सूत्री मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा. इस मौके पर संघ के अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार, सचिव डॉ. आमिर महमूद समेत कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे. संघ की मुख्य मांग थी कि शिक्षकों को हर महीने समय पर वेतन (सैलरी) दिया जाए और रिटायर हो चुके कर्मचारियों की पेंशन का काम जल्द पूरा किया जाए.
इसके साथ ही अंतरिम व्यवस्था के रूप में, विभागाध्यक्षों (HOD) को यह अधिकार देने की मांग की गई कि वे वित्तीय संकट या आपातकालीन स्थिति में शिक्षकों को उनके लंबित वेतन के बदले अल्पकालिक वित्तीय सहायता या अग्रिम वेतन (एडवांस) स्वीकृत कर सकें.
वित्तीय प्रबंधन और एनपीएस की निगरानी
इसके अतिरिक्त पदोन्नति मामलों का त्वरित निस्तारण तथा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के अंशदान के समय पर हस्तांतरण की मांग की गई. संघ ने सुझाव दिया कि वेतन एवं पेंशन के नियमित भुगतान के लिए संबंधित बैंकों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) किया जाए तथा NPS व्यवस्था की सतत निगरानी के लिए एक संचालन समिति का गठन किया जाए. ज्ञापन में विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे के व्यापक विकास पर भी विशेष बल दिया गया.
बुनियादी सुविधाओं के विकास की मांग
संघ ने कक्षाओं, शिक्षक कक्षों, केंद्रीय पुस्तकालय, कॉमन रूम, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ शौचालय, साइनबोर्ड, दिव्यांगजन-अनुकूल रैंप, पुस्तकालय एवं सभागार के डिजिटलीकरण सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं के शीघ्र उन्नयन की मांग की. साथ ही संबंधित विभाग द्वारा सभी भवनों का भौतिक निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत एवं विकास कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का अनुरोध किया गया.
संघ ने नए परिसर में प्रशासनिक कार्यों के स्थानांतरण के बाद पुराने शेरशाह प्रशासनिक भवन के जीर्णोद्धार एवं उसे शैक्षणिक उपयोग में लाने की मांग की. विशेष रूप से संस्कृत एवं उर्दू विभाग के लिए सुरक्षित एवं उपयुक्त भवन उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया गया.
कार्यालय कक्ष की मांग और उम्मीद
इसके अतिरिक्त, स्नातकोत्तर शिक्षक संघ के सुचारू संचालन एवं शिक्षकों की समस्याओं के प्रभावी समाधान के लिए एक समुचित एवं कार्यशील कार्यालय कक्ष उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया गया. स्नातकोत्तर शिक्षक संघ ने विश्वास व्यक्त किया कि कुलपति इन मांगों पर सकारात्मक एवं त्वरित निर्णय लेकर विश्वविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण, प्रशासनिक पारदर्शिता तथा शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे.
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