Bihar News: आरा स्थित सोन नहर प्रमंडल के अंतर्गत सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की गई है. करीब 56 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस योजना का उद्देश्य क्षेत्र के खेतों तक बेहतर तरीके से पानी पहुंचाना है. इसे ‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’ कार्यक्रम के तहत शामिल किया गया है.
इस परियोजना के तहत आरा मुख्य नहर से निकलने वाली असनी, धनुपुरा, चौरी, बिडियांच, हसनपुर, केशरी, तार, कोइलवर, झापपुर, नारायणपुर, जितेन्द्र और दिलिया-नारायणपुर समेत कई वितरणियों और उप-वितरणियों का पुनर्स्थापन किया जाएगा. साथ ही आरपीसी-2, आरपीसी-3, आरपीसी-4 और एलपीसी सीरीज की उप-वितरणियों का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा.
सफाई, मरम्मत और नए निर्माण पर जोर
योजना के तहत नहरों की गाद सफाई, तटबंधों की मरम्मत और चैनलों का सुधार किया जाएगा. तार वितरणी में 6.70 किलोमीटर पर एल-डी सायफन निर्माण का भी प्रावधान है. इसके अलावा 11 नए पुल और पुलियों का निर्माण होगा, जबकि 21 स्थानों पर फाल और ब्रिज का पुनर्निर्माण किया जाएगा.
350 आउटलेट और सुरक्षा कार्य भी शामिल
किसानों तक पानी आसानी से पहुंचे, इसके लिए 350 नए आउटलेट बनाए जाएंगे. साथ ही 244 स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्य किए जाएंगे, जिससे नहरों की मजबूती और स्थायित्व बढ़ेगा.
रोहतास और भोजपुर के कई प्रखंडों को लाभ
इस योजना से रोहतास जिले के काराकाट और नासरीगंज प्रखंड के साथ-साथ भोजपुर जिले के पीरो, जगदीशपुर, बिहिया, आरा, उदवंतनगर, गड़हनी, अगिआंव, सहार, संदेश और तरारी प्रखंडों को सीधा फायदा मिलेगा.
परियोजना के लागू होने से करीब 32,317 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई क्षमता का पुनर्स्थापन होगा. इससे हजारों किसानों को राहत मिलेगी, खेती की लागत घटेगी और उत्पादन में बढ़ोतरी होगी.
जल्द स्वीकृति की उम्मीद
सोन नहर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता चंदन कुमार ने बताया कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है. योजना की महत्ता को देखते हुए इसके जल्द स्वीकृत होने की संभावना जताई जा रही है. अधिकारियों का मानना है कि इसके लागू होते ही क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.
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