आंधी-बारिश से महुली घाट-सिताब दियारा पीपा पुल चार हिस्सों में टूटा, परिचालन बाधित
आवागमन बाधित होने से दो राज्यों के लोग रहे परेशान
बड़हरा.
प्रखंड अंतर्गत सिन्हा थाना क्षेत्र के बिहार और यूपी को जोड़ने वाला महुली घाट स्थित पीपा पुल बुधवार की शाम अचानक आयी तेज आंधी और बारिश के दौरान चार हिस्सों में बट गया. पुल के क्षतिग्रस्त होते ही दोनों राज्यों के बीच आवागमन पूरी तरह ठप हो गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का महौल कायम हो गया. घटना के समय पुल पर दर्जनों दोपहिया और एक चार पहिया वाहन मौजूद था. अचानक तेज हवा के साथ पुल के टूटते ही सैकड़ों लोग बीच नदी में फंस गए. अंधेरा, बारिश और तेज बहाव के बीच लोगों में दहशत का माहौल बन गया. कई लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आये. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिन्हा थाना व खवासपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. साथ ही नूरपुर और महुली गांव के युवकों तथा नाव चालकों ने साहस का परिचय देते हुए संयुक्त रूप से राहत व बचाव अभियान शुरू कर दिया. तेज हवा और बारिश के बीच नावों के सहारे एक-एक कर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. काफी मशक्कत के बाद बुधवार देर रात करीब सौ लोगों को गंगा नदी पार कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया. गुरुवार सुबह तक राहत कार्य जारी रहा. इस दौरान करीब एक दर्जन दोपहिया वाहनों को बाहर निकाल लिया गया ,जबकि एक बोलेरो वाहन अब भी पुल पर फंसी हुई है. प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर उसे निकालने की कोशिश में जुटे है. स्थानीय ग्रामीण ने बताया कि वर्ष 2015 में बने इस पीपा पुल को पहले कभी इतना नुकसान नहीं हुआ था.वहीं,पीपा पुल के कॉन्ट्रैक्टर राजेश कुमार ने बताया कि क्षतिग्रस्त हिस्सो के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है.उन्होंने दावा किया कि जल्द ही पुल की मरम्मत कर आवागमन बहाल कर दिया जाएगा.घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत के साथ-साथ आक्रोश भी देखा जा रहा है. लोगों का कहना है, कि हर साल इस पुल पर खतरा बना रहता है, बावजूद इसके स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जाती है. फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, प्रशासन और संबंधित विभाग की टीम मौके पर डटी हुई है और पुल को जोड़ने का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है.सिन्हा थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष रंगलाल ने बताया कि सभी फंसे यात्रियों और बाइक को नाव की सहायता से सुरक्षित निकाल लिया गया है.फिलहाल पुल पूरी तरह दुरुस्त होने तक किसी भी बड़े वाहन का आवागमन संभव नहीं है.गौरतलब है कि महुली घाट का यह पीपा पुल हर वर्ष बाढ़, तेज धारा और आंधी के दौरान प्रभावित होता रहा है, जिससे क्षेत्र में बार-बार यातायात बाधित होने की समस्या बनी रहती है.