Induction Program: महंथ महादेवानंद महिला महाविद्यालय के बीसीए विभाग में सत्र 2026-29 के सेमेस्टर-1 की नवनामांकित छात्राओं के लिए शुक्रवार को दीक्षारंभ (इंडक्शन) कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को महाविद्यालय एवं विभाग के शैक्षणिक वातावरण, बीसीए पाठ्यक्रम, अनुशासन, परीक्षा पद्धति और उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराना था.
तकनीकी ज्ञान के साथ अनुशासन पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) नरेंद्र प्रताप पालित ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक और कंप्यूटर ज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका है. छात्राएं अनुशासन और लगन के साथ अध्ययन कर आईटी क्षेत्र में अपनी पहचान बनाएं और महाविद्यालय का नाम रोशन करें. उन्होंने नवनामांकित छात्राओं का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. साथ ही कहा कि महाविद्यालय प्रशासन छात्राओं को हरसंभव शैक्षणिक और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है.
बीसीए को बताया बेहतर करियर की नींव
बीसीए विभाग की समन्वयक डॉ. शिखा अवस्थी ने कहा कि बीसीए महज एक डिग्री नहीं, बल्कि बेहतर करियर निर्माण की मजबूत नींव है. तीन वर्षीय पाठ्यक्रम के दौरान छात्राओं को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ प्रायोगिक और नवीनतम तकनीकों पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए. उन्होंने नियमितता और अनुशासन को सफलता की कुंजी बताया.
बीसीए शिक्षक राघवेंद्र नारायण विकास ने छात्राओं से नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने और प्रयोगशाला का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की, ताकि उन्हें व्यावहारिक ज्ञान में दक्षता हासिल हो सके.
वहीं, शिक्षक अमरजीत मिश्र ने कहा कि कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में लगातार बदलाव हो रहे हैं. ऐसे में छात्राओं को कोडिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और समस्या-समाधान जैसी क्षमताओं को विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए.
छात्राओं को दी गयीं जरूरी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान नवनामांकित छात्राओं को महाविद्यालय के नियमों, परीक्षा पद्धति, उपस्थिति, लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब की सुविधाओं सहित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी गयी. छात्राओं ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया और शिक्षकों से पाठ्यक्रम एवं करियर को लेकर मार्गदर्शन प्राप्त किया.
कार्यक्रम में सहायक साहिल कुमार सहित बीसीए विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाएं और नवनामांकित छात्राएं उपस्थित रहीं.
