आरा का जर्जर कृषि भवन बना खतरा, टूट रही छत और दिख रहे सरिए, जान जोखिम में डालकर काम कर रहे अधिकारी-कर्मी

Arrah Agriculture Bhavan : आरा का जिला कृषि पदाधिकारी का कार्यालय लंबे समय से जर्जर हालत में है. छत से मलबा गिर रहा है और लोहे के सरिए दिखाई दे रहे हैं, जिससे अधिकारी और कर्मचारी डर के बीच काम करने को मजबूर हैं. यह भवन किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इसकी उपेक्षा चिंता का विषय है.

Arrah Agriculture Bhavan : आरा स्थित जिला कृषि पदाधिकारी का कार्यालय यानी कृषि भवन लंबे समय से जर्जर हालत में है. छत से मलबा गिर रहा है और कई जगह लोहे के सरिए दिखाई दे रहे हैं. ऐसे भवन में अधिकारी और कर्मचारी डर के बीच काम करने को मजबूर हैं. खास बात यह है कि यहां कृषि विभाग के साथ कई अन्य कार्यालय भी संचालित हो रहे हैं. भवन के निर्माण और मरम्मत को लेकर जिलाधिकारी की ओर से भवन निर्माण विभाग से पत्राचार किए जाने के बावजूद अब तक स्थिति नहीं बदली है.

जर्जर छत के नीचे काम करने की मजबूरी

कृषि भवन की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. छत का प्लास्टर टूटकर गिर रहा है और कई हिस्सों में लोहे के सरिए खुले दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में कार्यालय में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए हर समय खतरा बना रहता है. कब जर्जर छत का कोई हिस्सा गिर जाए, इसकी आशंका बनी रहती है.

छत से गिर रहा मलबा, खुले सरिए दे रहे खतरे का संकेत

भवन के कई हिस्सों में छत जर्जर हो चुकी है. जगह-जगह से प्लास्टर उखड़ने के कारण सरिए बाहर निकल आए हैं. कर्मचारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में कार्यालय में बैठकर काम करना आसान नहीं है. इसके बावजूद मजबूरी में उन्हें इसी भवन में अपनी जिम्मेदारियां निभानी पड़ रही हैं.

नए सरकारी भवनों पर जोर, कृषि भवन उपेक्षित

सरकार की ओर से कई विभागों के लिए नए कार्यालय भवन बनाए जा रहे हैं, ताकि कर्मचारियों और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें. लेकिन जिला कृषि कार्यालय का भवन लंबे समय से मरम्मत की बाट जोह रहा है. जर्जर भवन की स्थिति में सुधार नहीं होने से प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं.

किसानों के लिए महत्वपूर्ण है कृषि भवन

जिला कृषि कार्यालय किसानों से जुड़ी योजनाओं और कृषि विभाग के महत्वपूर्ण कार्यों का संचालन करता है. कृषि योजनाओं को जमीन पर लागू कराने और किसानों तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाने में इस कार्यालय की अहम भूमिका है. इसके बावजूद कार्यालय भवन की खराब स्थिति विभागीय प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करती है.

एक ही भवन में कई विभागों का संचालन

कृषि भवन सिर्फ जिला कृषि कार्यालय तक सीमित नहीं है. करीब तीन वर्ष पहले इसी भवन में अस्थायी रूप से समाहरणालय का संचालन भी हुआ था. वर्तमान में प्रखंड सह अंचल कार्यालय और माप-तौल विभाग के कार्यालय भी यहां संचालित हो रहे हैं. इसके अलावा सहायक निदेशक कृषि का कार्यालय भी इसी भवन में है.

चार-पांच विभागों के कर्मचारियों पर मंडरा रहा खतरा

एक ही जर्जर भवन में चार-पांच विभागों के कार्यालय संचालित होने के कारण यहां रोजाना अधिकारी, कर्मचारी और आम लोग पहुंचते हैं. ऐसे में भवन की जर्जर स्थिति को नजरअंदाज करना गंभीर चिंता का विषय है. किसी भी तरह की दुर्घटना की स्थिति में बड़ी संख्या में लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है.

एक साल से अधिक समय पहले हुआ था पत्राचार

कृषि कार्यालय के भवन के निर्माण और मरम्मत को लेकर जिलाधिकारी की ओर से भवन निर्माण विभाग से पत्राचार किया जा चुका है. बताया गया कि इस पत्राचार को एक वर्ष से अधिक समय बीत गया है. इसके बावजूद अब तक भवन की मरम्मत या निर्माण को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.

कार्रवाई में देरी पर उठ रहे सवाल

जर्जर भवन की स्थिति और यहां संचालित कार्यालयों की संख्या को देखते हुए जल्द कार्रवाई की जरूरत है. जिलाधिकारी स्तर से पत्राचार के बावजूद यदि एक वर्ष से अधिक समय तक भवन की समस्या का समाधान नहीं होता है, तो इससे संबंधित विभागों की कार्यशैली और प्राथमिकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है.

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By नरेद्र प्रसाद सिंह

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