बिहिया रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर पर रविवार सुबह तत्काल टिकट बनवाने के दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
टिकट के लिए कतार में लगे स्थानीय लोगों और आरपीएफ कर्मियों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि कुछ देर के लिए हाथापाई की नौबत आ गई. हालांकि मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों की पहल पर मामला शांत कराया गया.
कतार में क्रम बदलने को लेकर शुरू हुआ विवाद
बताया जाता है कि विवाद कतार में खड़े यात्रियों के क्रम को लेकर शुरू हुआ. नगर पंचायत के वार्ड पार्षद अजीत कुमार ने आरोप लगाया कि उनका भाई रात से लाइन में लगा था, लेकिन आरक्षण शुरू होने से पहले आरपीएफ के जवानों ने उसे पीछे कर किसी अन्य व्यक्ति को आगे खड़ा कर दिया.
विरोध करने पर आरपीएफ जवानों द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप भी लगाया गया. उन्होंने पूरे मामले की शिकायत रेल प्रशासन के वरीय अधिकारियों से करने की बात कही.
आरपीएफ ने आरोपों को बताया निराधार
दूसरी ओर, आरपीएफ के जवान राजू प्रसाद ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि टिकट उसी व्यक्ति का पहले नंबर पर बनाया गया, जिसका दावा किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि आरक्षण प्रक्रिया शुरू होने से पहले कतार में खड़े सभी लोगों के पहचान पत्र का सत्यापन किया जा रहा था. इसी दौरान बिना वजह विवाद उत्पन्न किया गया.
पहचान पत्र सत्यापन के दौरान होता है विवाद
रेलवे सूत्रों के अनुसार तत्काल टिकट जारी करने से पहले आरपीएफ कतार में मौजूद यात्रियों का सत्यापन उनके पहचान पत्र से करती है, जिसके बाद उसी क्रम में टिकट बनाया जाता है.
सीमित सीटों और अधिक मांग के कारण अक्सर तत्काल टिकट के समय इस तरह के विवाद सामने आते रहते हैं.
