ट्रक चालक की गलती से टोल प्लाजा का सेंसर टूटा, चालक को बंधक बना पीटा
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20 घंटे तक बनाये रखा बंधक, शौच और भोजन के लिए भी नहीं छोड़ा
कोईलवर .
पटना-बक्सर फोरलेन हाइवे के कुल्हड़िया स्थित टोल प्लाजा पर टोलकर्मियों की एक अमानवीय दबंगई सामने आयी है. जहां एक ट्रक चालक की गलती को लेकर उसे बंधक बनाकर मारपीट करने और यूपीआइ से पैसे लेकर छोड़ने की बात सामने आयी है. ट्रक चालक की गलती बस इतनी ही थी कि उससे गलती से फ़ास्टटैग का सेंसर क्षतिग्रस्त हो गया था. इसी बात से गुस्साए टोलकर्मियों ने उस ट्रक चालक को कमरे में बंद कर 20 घंटे तक बंधक बनाकर रख लिया. इन 20 घंटों में उसे न शौच के लिए जाने दिया न ही खाना खाने के लिए जाने दिया. टोलकर्मियों ने क्षतिग्रस्त सेंसर के बदले 50 हजार रुपये की मांग की थी. नहीं देने पर पुलिस केस करने की धमकी दी थी. थकहार कर ट्रक चालक ने 10 हजार रुपये यूपीआइ किये, तब जाकर वह वहां से छूटा. इसे लेकर पीड़ित चालक मध्यप्रदेश निवासी वीरू सिंह ने बताया कि रविवार रात लगभग आठ बजे वह पटना से सामान लोड कर गंतव्य के लिए चला था. इसी क्रम में एनएच-922 के रास्ते कुल्हड़िया टोल से गुजरने के समय लेन में लगा सेंसर गलती से टूट गया. जिसे लेकर टोल कर्मियों ने दबंगई दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और क्षतिपूर्ति करने को कहा. चालक द्वारा असमर्थता दिखाने पर उसे टोलप्लाज़ा के एक कमरे में ले जाकर बंधक बना लिया और सोमवार की दोपहर एक बजे तक बंधक बनाये रखा. इस 20 घंटे के बीच उसे शौच, नास्ते और पानी तक के लिए भी नहीं जाने दिया गया. उसने बताया कि जब पैसे देने में असमर्थता जतायी तो थाने में एफआइआर दर्ज कर जेल भिजवाने की धमकी दी. बाद में काफी मिन्नत के बाद 10 हजार रुपये यूपीआइ लेकर छोड़ा गया. चालक ने बताया कि किसी अजय प्रताप सिंह के यूपीआइ नंबर पर 10 हजार रुपये का आनलाइन ट्रांजेक्शन लेकर छोड़ा गया जिसके साक्ष्य उसके पास हैं. कई चालकों ने बताया कि टोल प्लाजा पर इस तरह की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं, पर कभी भी किसी तरह की कोई भी कार्रवाई नहीं होती है, जिससे टोलकर्मियों का मनोबल बढ़ा रहता है.
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