सीमावर्ती इलाकों में दुग्ध उत्पादन की अपार संभावनाएं : डीएम

दूध उत्पादन को आर्थिक अवसर में तब्दील करना संभव

सीमावर्ती इलाकों में डेयरी को-ऑपरेटिव सोसाइटी का गठन कर दूध संग्रहण व्यवस्था सुनिश्चित करें

अररिया. डीएम विनोद दूहन की अध्यक्षता में जिले के सीमावर्ती इलाकों में डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी के गठन व दुग्ध संग्रहण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने को लेकर अधिकारियों के साथ विशेष बैठक आयोजित की गयी. बैठक में जिला गव्य विकास पदाधिकारी, सुधा डेयरी के संबंधित अधिकारी सहित संबंधित अन्य अधिकारी मौजूद थे. बैठक के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादकों को संगठित कर डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी के गठन की आवश्यकता पर विस्तृत चर्चा की गयी.

दुग्ध उत्पादक किसानों को सोसाइटी से जोड़ें

डीएम ने जिला गव्य विकास पदाधिकारी को आगामी 15 दिनों के अंदर डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी का गठन करते हुए दुग्ध उत्पादक किसानों को इससे जोड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया. वहीं सुधा डेयरी के अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि सोसाइटी गठन के उपरांत नियमित रूप से दूध संग्रहण की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए. ताकि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो सके. जिलाधिकारी ने कहा कि डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी का गठन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का बेहतर अवसर साबित हो सकता है. इससे न केवल पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि स्वरोजगार के नये अवसर भी उपलब्ध होंगे. उन्होंने बताया कि जिले के सीमावर्ती इलाकों में दुग्ध उत्पादन की अपार संभावनाएं मौजूद है. जिन्हें संगठित डेयरी व्यवस्था के माध्यम से बेहतर आर्थिक अवसरों में परिवर्तित किया जा सकता है.

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