सकारात्मक चिंतन, सहयोग व सद्भाव की भावना से ही विश्व का कल्याण संभव: ब्रह्माकुमारी राज दादी जी

सद्भाव की भावना से असंभव कार्य भी संभव हो जाता है

फारबिसगंज. प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय नेपाल की मुख्य निर्देशिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी राज दादी जी व सह निर्देशिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी किरण दीदी जी के सम्मान में ओम शांति केंद्र फारबिसगंज में ईश्वरीय स्नेह मिलन आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस मौके पर अपने अध्यक्षीय संबोधन में राजयोगिनी राज दादी जी ने उपस्थित बीके भाई, बहनों को आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक मनुष्य अपने जीवन में राजयोग बल के द्वारा सकारात्मक चिंतन द्वारा पवित्रता धारण कर ही समाज के साथ विश्व का कल्याण करना संभव है. उन्होंने कहा कि सहयोग और सद्भाव की भावना से असंभव कार्य भी संभव हो जाता है. परम आराध्य शिव बाबा की मुरली के महा वाक्य देवता तुल्य बनाने का कार्य करते हैं. देह अभिमान का त्याग कर स्नेह, प्रेम सहयोग और पवित्रता को धारण करने से ही मनुष्य फरिश्ता स्वरूप बन सकता है. विश्व में अशांति का दौर व नकारात्मकता की पराकाष्ठा की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए दादी जी ने संदेश दिया कि परमात्मा की याद में रह कर किए गए कार्य ही विकारों से मुक्ति दिलाते हैं व मायाजीत बन जगतजीत बनते हैं. जबकि सह निर्देशिका बीके किरण दीदी जी ने अपने आध्यात्मिक संदेश में शिव बाबा व ब्रह्मा बाबा की कथनी और करनी में समानता का उल्लेख किया. मौके पर ओम शांति केंद्र की संचालिका बीके रुकमा दीदी ने उपस्थित दादी मां, किरण दीदी जी, कोशी प्रदेश की संचालिका बीके गीता दीदी जी व नेपाल ज़ोन के महासचिव बीके राम सिंह, वाणेश्वर काठमांडू केंद्र की संचालिका बीके दीपा दीदी, बीके तारा दीदी, बीके अमृता दीदी, बीके संतोषी दीदी, मुख्य अतिथि एसडीओ अभय कुमार तिवारी व विशिष्ट अतिथि डॉ मानव महेश ठाकुर का स्वागत किया.

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By MRIGENDRA MANI SINGH

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